-प्रशांत के. रॉय आखिर वह घड़ी आ ही गई। माइक्रोसॉफ्ट के पूर्णकालिक कर्मचारी के रूप में बीता बृहस्पतिवार बिल गेट्स के लिए अंतिम दिन था। निश्चित तौर पर, इसमें झटके जैसी कोई बात नहीं है। शायद यह हाल के कॉरपोरेट इतिहास में सबसे अच्छे तरीके से नियोजित (और निश्चय ही सबसे अच्छे तरीके से प्रचारित) बदलाव है।
1998 में, लंबे समय से गेट्स के व्यावसायिक सहयोगी रहे स्टीव बालमर माइक्रोसॉफ्ट के कार्यकारी अध्यक्ष बने। जनवरी 2000 में गेट्स ने मुख्य कार्यकारी का पद बालमर को सौंप दिया और वे स्वयं मुख्य सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट की भूमिका में आ गए।
और दो साल पहले, 15 जून को बिल गेट्स ने उस समय के सीटीओ रे ओजी को मुख्य सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट और क्रेग मुंडी को मुख्य अनुसंधान और रणनीति अधिकारी बनाकर अपनी वह जिम्मेदारी भी छोड़ दी। तभी उन्होंने दो वर्षों में पूर्णकालिक कर्मचारी के रूप में माइक्रोसॉफ्ट छोड़ने की योजना भी घोषित कर दी थी।
वे दो साल पूरे हो चुके हैं। एक जुलाई से गेट्स एक अंशकालिक कर्मचारी होंगे। उनका पूरा ध्यान अब बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन पर होगा, जिसके पास अभी लगभग 38 अरब डॉलर की संपत्ति है।
बालमर पिछले आठ वर्षों से माइक्रोसॉफ्ट को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं। इनकी तुलना जीई के जैक वेल्स से की जा सकती है, जो दूरदृष्टा संस्थापक न होने के बावजूद एक मिशन की तरह कंपनी का नेतृत्व करते रहे हैं। इस लिहाज से कंपनी से गेट्स की ‘अंतिम विदाई’ वैसी बड़ी बात नहीं है, जैसी पहली नजर में लगती है। और यह पूरी तरह से उनका अंतिम रूप से जाना भी नहीं है, क्योंकि वे कंपनी के बोर्ड के अध्यक्ष बने रहेंगे। ऐसे में माइक्रोसॉफ्ट और उसकी दिशा को प्रभावित करने में उनका काफी प्रभाव रहेगा।
फिर भी, मेरी जानकारी में माइक्रोसॉफ्ट के अलावा कोई भी ऐसी कंपनी नहीं है, जिसकी पहचान अपने संस्थापक के साथ इतनी निकटता से जुड़ी हुई हो, और यह बात आसानी से बदलने वाली नहीं है। उनके इर्द-गिर्द जो रहस्यमयी आभा है, वह इतनी जल्दी खत्म नहीं होगी, भले ही 12 सालों से अधिक समय तक विश्व के सबसे अमीर आदमी का खिताब कायम रखने के बाद अब उनका यह गौरव बाकी न रहा हो (फोर्ब्स की ताजा सूची में वे अपने मित्र और निवेशक वारेन बफेट और मैक्सिको के टेलीकॉम दिग्गज कार्लोस स्लिम के बाद तीसरे स्थान पर हैं)।
लेकिन पर्दे के पीछे किसी भी लिहाज से यह परिवर्तन आसान नहीं था। यह समझने में सालों लग गए कि उन दोनों में कौन किसके मातहत काम कर रहा है और उन दोनों के बीच बोर्डरूम या अन्य बैठकों में होने वाली बहसबाजी भी खूब मशहूर थी। फिर भी, साल 2002 में ही गेट्स ने स्टीव को नंबर एक बताया था। उन्होंने कहा कि मैं दूसरे नंबर पर आता हूँ, मेरे पास एक मजबूत आवाज है, मैं अनुशंसा कर सकता हूँ, लेकिन निर्णय स्टीव को करना होता है।
आखिरकार, अब यह बदलाव पूरा हो गया है। यह बदलाव केवल उच्च पदों पर ही नहीं, बल्कि तकनीकी विशेषज्ञता के क्षेत्रों में भी हुआ है। क्रेग मुंडी माइक्रोसॉफ्ट के पुराने और सक्षम धुरंधर हैं और वे लंबी अवधि की योजनाओं का नेतृत्व करेंगे। इन योजनाओं में ज्यादा क्षमता के कंप्यूटर ऐप्लिकेशन, शिक्षा और प्रोसेसर संबंधी तथा आधारभूत संरचना संबंधी सेवाएँ शामिल हैं। लोटस नोट्स के आविष्कारक रे ओजी माइक्रोसॉफ्ट की वेब-आधारित महत्वपूर्ण रणनीति की कमान सँभालेंगे।
यह माइक्रोसॉफ्ट के लिए आसान समय नहीं है। अब पाँच या दस साल पहले का वह समय नहीं रहा, जब किसी भी नए क्षेत्र में कंपनी के प्रवेश करने की अफवाह मात्र से उस क्षेत्र में आतंक फैल जाता था। यह गौरव अब संभवतः गूगल को हासिल है। रेडमंड की इस दिग्गज कंपनी के सामने इस समय चुनौतियों की एक कतार लगी है- गूगल से प्रतिस्पर्धा, इंटरनेट और इंटरनेट-खोज के बारे में लगभग असफल रणनीति, याहू को खरीदने की असफल कोशिश और विंडोज का ताजा संस्करण, जो खास सफल नहीं हो पाया है।
फिर भी कई मायनों में गेट्स इस कंपनी को अब तक की सबसे मजबूत स्थिति में छोड़ कर जा रहे हैं। डेस्कटॉप ऑपरेटिंग सिस्टम और ऑफिस सॉफ्टवेयर बाजार के 90% से ज्यादा हिस्से पर कंपनी का कब्जा है। हालाँकि माइक्रोसॉफ्ट मोबाइल प्लेटफार्म की नई खिलाड़ी है, लेकिन इसने इस क्षेत्र में भी अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई है। यह काफी फायदेमंद साबित हो रहा है। जैसा कि ओजी ने एक मीडिया साक्षात्कार में कहा कि अगर बिल के कंपनी छोड़ने के लिए कोई समय तय करने की बात आती, तो हम इससे बेहतर समय नहीं तय कर पाते।
और, यह विश्व के सभी मुख्य कार्यकारियों के लिए एक सीख भी है कि पद छोड़ने के बारे में लंबी अवधि की और पारदर्शी योजना बनाकर रखें और यह पदत्याग तब हो, जब आप शक्तिशाली हों। मुझे सांता क्लारा में इंटेल कर्मचारियों के एक कार्यक्रम की याद आ रही है, जहाँ कर्मचारियों ने पॉल ऑटेलिनी और क्रेग बैरेट को मंच पर आमने-सामने बैठा दिया था। और तब उन्होंने ऑटेलिनी की ओर से 66 साल के बैरेट के लिए गाया था कि “अगर आप जाएँगे नहीं, तो हमें आपकी याद कैसे आएगी? अगर आप (पद) छोड़ेंगे नहीं, तो हमें दुख का अनुभव कैसे होगा?”
गेट्स ने सब कुछ निभा दिया है- स्वप्न देखने और स्थापना करने से लेकर माइक्रोसॉफ्ट को एक अत्यधिक सफल कंपनी बनाने और उसे चलाने तक, इसकी बागडोर एक व्यावसायिक नेतृत्व को सौंपने तक, लंबी अवधि की पारदर्शी पदत्याग योजना बनाने और उस पर अमल करने तक।
उन्होंने यह पदत्याग तब किया है, जब कंपनी अच्छे दौर से गुजर रही है। और अब वे विश्व की सबसे बड़ी समाजसेवी संस्था को चलाने जा रहे हैं। अपनी अलग-सी आवाज और किशोरवय अंदाज के साथ उन्होंने साबित कर दिया है कि वे इस समय के महानतम नेताओं में से एक हैं। (लेखक साइबरमीडिया के प्रधान संपादक हैं)
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