इंटरनेट टेलीफोनी, स्टॉक एक्सचेंज की प्रतिभूतियों से संबंधित सेवाएँ और यूलिप सेवाओं सहित सात नई सेवाओं पर 16 मई से सेवाकर लागू हो जाएगा।
वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने इस साल के बजट में सात नई सेवाओं को सेवाकर के दायरे में लाने का ऐलान किया था। उपरोक्त तीन सेवाओं के अलावा कारोबार के दौरान उपलब्ध कराई गई सॉफ्टवेयर सेवाएँ, माल की खरीदी अथवा बिक्री में मान्यता प्राप्त अथवा पंजीकृत कमोडिटी एक्सचेंज द्वारा दी गई सेवाएँ और प्रतिभूतियों, सामानों और वायदा अनुबंध सौदों के निपटान में क्लियरिंग हाउस द्वारा दी गई सेवाएँ भी अब सेवाकर के दायरे में होंगी। आगामी 16 मई से इन सेवाओं पर 12 प्रतिशत की दर से सेवाकर लगना शुरू हो जाएगा।
वित्त विधेयक 2008 को संसद की मंजूरी मिलने के बाद 10 मई 2008 को उस पर राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल ने भी संस्तुति की मुहर लगा दी। इसके साथ ही भारत सरकार के राजपत्र में वित्त विधेयक का प्रकाशन भी शुरू हो गया है। इसके बाद से सेवा कर के विभिन्न प्रावधानों को अमल में लाने के लिए सात अधिसूचनाएँ भी जारी की जा चुकी हैं।
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