दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ए. राजा ने कहा है कि देश में ब्लैकबेरी सेवाओं को लेकर चल रहा मसला अगले एक या दो सप्ताह के अंदर सुलझा लिया जाएगा।
श्री राजा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हम ब्लैकबेरी सेवाओं के साथ सुरक्षा संबंधी मसले को अगले एक या दो सप्ताह में सुलझा लेंगे। सार्वजनिक उपक्रम भारत संचार निगम लिमिटेड 'बीएसएनएल' ने कहा था कि उसकी योजना अपने नेटवर्क के जरिए ब्लैकबेरी सेवाएँ उपलब्ध कराने की है, किंतु वह सुरक्षा से जुड़े मामले को सरकार द्वारा सुलझाने तक इसका इंतजार करेगा।
देश में ब्लैकबेरी सेवाओं से जुड़ा मामला उस समय आया था जब टाटा टेलीसर्विसेज को इस सेवा को चलाने की इजाजत इसलिए नहीं दी गई थी क्योंकि सरकार इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती थी। वर्तमान में रिलायंस, एयरटेल और वोडाफोन ब्लैकबेरी सेवाएँ दे रही हैं।
सरकार ने इस मसले के सामने आने के बाद दूरसंचार कंपनियों से कहा था कि जब तक निगरानी प्रणाली अस्तित्व में नहीं आ जाती, ब्लैकबेरी से जुडी कुछ सेवाओं को उपलब्ध नहीं कराया जाए। सरकार ने रिसर्च इन मोशन को पत्र लिखकर देश में सर्वर स्थापित करने के लिए कहा था।
देश में 35 से 40 हजार ब्लैकबेरी उपभोक्ता हैं और इनकी संख्या के बढ़कर पाँच लाख तक पहुँच जाने की उम्मीद है।
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