सरकार ने शुक्रवार को कहा कि फिक्स लाइन टेलीफोन सेवा देने वाली निजी क्षेत्र की कंपनियों को लाइसेंस फीस में छूट दी जाएगी। सरकार का मकसद इन कंपनियों को ग्रामीण क्षेत्र में सेवा देने के लिए प्रोत्साहित करना है।
सेल्यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय दूरसंचार मंत्री श्री ए. राजा ने उक्त बात कही। उन्होंने कहा कि मैंने दूरसंचार आयोग को पहले ही निर्देश दे दिया है कि वह फिक्स लाइन टेलीफोन सेवा देने वाली कंपनियों को लाइसेंस फीस में छूट देने पर विचार करे। फिलहाल लाइसेंस फीस कंपनी के समायोजित सकल राजस्व में से एक तय प्रतिशत में लिया जाता है।
टेली घनत्व कम
देश में टेली घनत्व करीब 25 प्रतिशत होने के बावजूद देश की 70 प्रतिशत आबादी अभी भी दूरसंचार क्रांति के परिणामों का लाभ हासिल नहीं कर पाई है। राजा ने कहा- मैंने सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र के सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों से कहा है कि वे आगे आकर सभी गाँवों को टेलीफोन से जोड़ें, सरकार की तरफ से मैं आपको आश्वस्त करता हूँ कि ग्रामीण क्षेत्र में जाने पर कंपनियों को सब तरह की सुविधाएँ मुहैया कराई जाएँगी।
बीएसएनएल को सर्वाधिक फायदा
दूरसंचार मंत्री श्री राजा की घोषणा का सर्वाधिक फायदा सार्वजनिक क्षेत्र की टेलीफोन कंपनी बीएसएनएल को होगा। बीएसएनएल के पास देश में 90 फीसदी फिक्स लाइन टेलीफोन हैं।
भारती ने किया स्वागत
दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने सरकार की घोषणा का स्वागत किया है। कंपनी का कहना है कि फिक्स लाइन सेवा प्रदाताओं को प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है, उन पर करों का बोझ नहीं लादा जाना चाहिए।
एयरटेल के चेयरमैन व एमडी सुनील भारती मित्तल ने पत्रकारों के साथ चर्चा में कहा कि सरकार के इस फैसले से मैं बहुत खुश हूँ।
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