सरकार ने सोमवार को इस बात से इनकार किया कि देश में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कुशल श्रमशक्ति की भारी कमी है। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री शकील अहमद ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कुशल श्रमशक्ति की भारी कमी नहीं है।
उन्होंने बताया कि नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नैसकॉम) के अनुसार चालू वित्तवर्ष के दौरान इस क्षेत्र में 2006-07 की तुलना में 3 लाख 75 हजार अधिक नौकरियाँ मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि नैसकॉम का कहना है कि वर्ष 2009-10 तक देश में सूचना प्रौद्योगिकी बीपीओ क्षेत्र में कुल रोजगार संख्या 25 लाख से 27 लाख तक पहुँचने का अनुमान है।
2005-06 में इस क्षेत्र में 12 लाख 93 हजार तथा 2006-07 में 16 लाख लोगों को रोजगार मिला जबकि चालू वित्तवर्ष में 20 लाख लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।
अहमद ने बताया कि गत वर्ष अप्रैल से दिसंबर की अवधि के लिए उपलब्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आँकड़ों के आधार पर कम्प्यूटर हार्डवेयर क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश वित्त वर्ष 2006-07 में हुए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के स्तर की तुलना में घट जाने की संभावना है।
देश में निवेश करने वाली या अपनी विनिर्माण सुविधाओं का विस्तार कर रही प्रमुख कंपनियों में फॉक्सकॉन, फ्लेक्सट्रॉनिक्स, जबील सर्किट्स, सनमिना, कोम्पाल, एलजी, सैमसंग, मोटोरोला, नोकिया, डेल, एचपी, एचसीएल, विप्रो, इन्फोटेक, लेनोवो, हॉन हाई लिटीयन, डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं।
अहमद ने कहा कि दूरसंचार सेवाओं पर लग रहा सेवाकर हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) का अगले वित्तवर्ष में ग्यारह सर्किल में 92 नए टेलीफोन एक्सचेंज खोलने का प्रस्ताव है। इनमें से सर्वाधिक 24 पश्चिमी उत्तरप्रदेश, 15 कर्नाटक, 11 आंध्रप्रदेश तथा 9 उत्तराखंड में खोले जाएँगे।
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