भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने मोबाइल फोन सेवा प्रदाता कंपनी वोडाफोन को ग्राहकों की मर्जी के बगैर संवर्धित सेवाएं देने के लिए वसूली गई राशि 15 दिन में वापस लौटाने के निर्देश दिए हैं।
ट्राई ने कहा कि वोडाफोन मोबाइल एस्सार लिमिटेड को उन सभी उपभोक्ताओं से ली गई राशि वापस करना होगी जो उसने अपने ग्राहकों को उनकी बिना सहमति के लिए दी गई संवर्धित सेवाओं के बदले में वसूली है।
नियामक संस्था ने कहा कि इस संबंध में वोडाफोन ग्राहकों से शिकायतें प्राप्त हुई थीं कि सेवा प्रदाता ने बिना उनकी सहमति के संवर्धित सेवाएँ दीं और उसके बदले में भुगतान लिया। ट्राई कहा कि इस मामले में वोडाफोन से लंबे समय से की जा रही पूछताछ में कंपनी ने तकनीकी गलती होना स्वीकार किया।
वोडाफोन के स्पष्टीकरण के आधार ट्राई ने कहा है कि ग्राहकों की सहमति के बिना संवर्धित सेवाएँ नहीं दी जा सकतीं। विशेषतौर पर तब तो कतई नहीं जब उपभोक्ता ने सहमति देने से इनकार कर दिया हो।
इन परिस्थितियों के संदर्भ में ट्राई ने उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा में वोडाफोन को ग्राहकों से ली गई राशि 15 दिन के भीतर वापस करने का निर्देश दिया है। यह राशि उन सभी मामलों में वापस की जाएगी, जहाँ ग्राहकों की सहमति नहीं ली गई, जहाँ ग्राहकों ने सहमति देने से मना कर दिया और जहाँ कंपनी ने सेवा देते समय संवर्धित सेवाएँ मुफ्त देने का वादा किया था, लेकिन बाद में उसके पैसे ले लिए गए।
|