हॉलीवुड फिल्मों में आपने अक्सर देखा होगा कि किस तरह मशीनें हीरो के हाथ के इशारे से काम करना शुरू कर देती है, मगर जर्मनी के एक रिसर्चर ने इस कल्पना को वास्तविकता का रूप दे दिया है।
जर्मनी के फ्रॉनहाफर इंस्टीट्यूट फॉर टेलीकम्यूनिकेशन के प्रोजेक्ट मैनेजर पॉल चोकेजी ने एक ऐसा सिस्टम तैयार किया है जिसके जरिए सिर्फ अँगुलियों के इशारे से ही कम्प्यूटर को ऑपरेट किया जा सकेगा। इससे अपंग लोगों को काफी फायदा मिल सकता है। इस 'आई-पॉइंट प्रेजेंटर' को हनोवर में एक आईटी फेयर में प्रदर्शित किया गया।
इस सिस्टम के बीच में कई कैमरे लगाए गए हैं। ये सामने खड़े शख्स के इशारों पर नजर रखते हैं। जैसे ही सामने खड़ा शख्स अपना हाथ हिलाता, कम्प्यूटर काम करना शुरू कर देता है। यह सिस्टम यूजर की तर्जनी अँगुली की गतिविधियों के मुताबिक काम करता है।
यूजर चाहे तो अँगुली को स्क्रीन पर दूर से दबाए गए बटन की तरह इस्तेमाल कर सकता है या इशारों से कम्प्यूटर को ऑपरेट कर सकता है। इसके अलावा कई अँगुलियों से एक साथ इशारा करने से कम्प्यूटर स्क्रीन पर पिक्चर्स को रोटेट, बड़ा या छोटा भी किया जा सकता है।
इसके लिए न तो किसी स्पेशल दस्ताने की जरूरत होगी और न किसी मार्किंग की। कोई भी बिना किसी तैयारी के सिर्फ हाथों से ही कम्प्यूटर को ऑपरेट कर सकता है। वीडियो गेम्स के अलावा इसे टच स्क्रीन टेक्नॉलोजी के विकल्प के तौर पर पेश किया जा सकता है। इस ईजाद से मानवों और कम्प्यूटर के बीच किसी कॉन्टेक्ट की जरूरत नहीं होगी। (नईदुनिया)
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