इंटरनेट की दुनिया के महत्वपूर्ण पोर्टल याहू डॉट कॉम ने अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के 44.6 अरब डॉलर में अधिग्रहण के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। याहू का यह इरादा पहले ही जाहिर हो चुका था।
याहू के इस निर्णय के बाद दो प्रमुख इंटरनेट पोर्टलों में प्रतिस्पर्धा का बाजार तेज हो जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक याहू से मिली ना के बाद माइक्रोसॉफ्ट उसके अधिग्रहण के लिए पाँच अरब डॉलर से 12 अरब डॉलर तक की राशि बढ़ाने का प्रस्ताव पुनः रख सकता है।
याहू चाहता है कि अधिग्रहण की राशि 56 अरब डॉलर चाह रहा था। या उसका आकलन 40 डॉलर प्रति शेयर के मान से आँके जाने चाहिए। इस अधिग्रहण के लिए माइक्रोसॉफ्ट याहू के शेयरधारकों से सीधा संपर्क भी कर चुका है।
गूगल ने किया कमाल
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि माइक्रोसॉफ्ट द्वारा याहू के अधिग्रहण के इस खेल में गूगल ने परदे के पीछे से भूमिका निभाई। गूगल माइक्रोसॉफ्ट को ऑनलाइन बाजार के क्षेत्र में उतरता देख याहू को मदद का प्रस्ताव पहले ही रख चुका है। उसने इस प्रस्ताव को टालने के लिए हरसंभव कोशिश की और वह कामयाब भी हो गया।
याहू अब पुनः एओएल की ओर
माइक्रोसॉफ्ट को ना कहने के बाद याहू डॉट कॉम ने ऑनलाइन व्यापार करने वाली अमेरिकी इंटरनेट कंपनी एओएल के अधिग्रहण के लिए पुनः बातचीत की कोशिशें शुरू कर दी है। याहू की ओर से यह कदम कंपनी को ऑनलाइन के क्षेत्र में और मजबूत करने की दिशा में उठाया जा रहा है। इससे पूर्व याहू और एओएल के बीच सौदेबाजी की बातचीत कीमत को लेकर रुक गई थी।
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