सार्वजनिक उपक्रम भारत संचार निगम लिमिटेड ( बीएसएनएल) के कर्मचारी संघों ने प्रस्तावित विनिवेश को गैर जरूरी बताते हुए हड़ताल कि धमकी दी है।
बीएसएनएल के गैर अधिकारी और अधिकारी कर्मचारी यूनियनों, संघों के संयुक्त फोरम के संयोजक वीएएन नम्बूदरीपाद ने निगम के प्रस्तावित विनिवेश का जोरदार विरोध किया और कहा कि निगम के विकास और विस्तार के लिए धन की कोई तंगी नहीं है।
निगम के पास 40 हजार करोड़ रुपए हैं जिसे इस्तेमाल किया जा सकता। नम्बूदरीपाद ने कहा कि जीएसएम लाइन और दूरसंचार क्षेत्र की अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव में निगम के विकास और विस्तार प्रभावित हो रहा है। धन की कोई तंगी नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार यदि विनिवेश के प्रस्ताव पर आगे कदम बढ़ाती है तो कर्मचारी संघों को मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ेगा और वह इसके विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं।
संयोजक की तरफ से जारी वक्तव्य में कहा गया है विनिवेश संसाधन जुटाने की बजाय बीएसएनएल को निजी ऑपरेटरों को उपहार में देने की दिशा में पहला कदम होगा। बीएसएनएल का उदाहरण देते हुए नम्बूदरीपाद ने कहा कि उस समय इसे टाटा को 1320 करोड़ रुपए में बेचा गया था जबकि उपक्रम के पास 1200 करोड़ रुपए की नकदी थी।
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