इंटरनेट पर चैटिंग के जरिए धोखाध़ड़ी करने वाले सावधान हो जाएँ, क्योंकि अगली बार जब आप चैटिंग करें तो संभव है कि आपकी बात किसी ल़ड़की या ल़ड़के से नहीं बल्कि एक ऐसे कम्प्यूटर से हो सकती है जो आपको जेल भी भिजवा सकता है।
रूस की एक ऑनलाइन सिक्यूरिटी फर्म का कहना है कि इंटरनेट पर चैटिंग के दौरान सबसे ज्यादा धोखाध़ड़ी होती है। चैटिंग करने वाले कभी भी अपनी सही जानकारी एक-दूसरे को नहीं देते हैं। ऐसे मामलों में बात तब बिग़ड़ जाती है जब ल़ड़का या ल़ड़की एक-दूसरे को दिल दे बैठते हैं और असलियत पता लगने पर आत्महत्या तक करने पर उतारू हो जाते हैं।
इन्हीं बातों से चिंतित साइबर सिक्यूरिटी फर्म ने ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है जो बिलकुल इंसानों की तरह चैटिंग करता है और गलत जानकारी देने वाले की पहचान कर उसकी निजी जानकारियाँ सिक्यूरिटी एजेंसियों के पास भेज देता है। इस सॉफ्टवेयर का विज्ञापन रूसी वेबसाइट 'साइबरलवर डॉट आरयू' पर भी दिया जा रहा है।
हालाँकि ऑस्ट्रेलिया की एंटी वायरस सॉफ्टवेयर फर्म पीसी टूल्स ने इस सॉफ्टवेयर के बारे में कहा है कि इसके जरिए कथित अपराधी लोग दूसरों की निजी जानकारियाँ चुराकर उनका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन रूसी वेबसाइट ने इस बात को सिरे से नकार दिया है कि ऐसा कुछ हो सकता है।
फिलहाल यह सॉफ्टवेयर केवल रूसी भाषा में उपलब्ध है और वैलेंटाइन डे के एक दिन बाद 15 फरवरी से इसकी ऑनलाइन बिक्री शुरू हो जाएगी।सॉफ्टवेयर के बारे में वेबसाइट कहती है कि चैटिंग शुरू होने के मात्र आधे घंटे के भीतर यह सामने वाले व्यक्ति चाहे वह ल़ड़का हो ल़ड़की की निजी जानकारी ले सकता है।
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