एचसीएल इन्फोसिस्टम्स के चेयरमैन और सीईओ अजय के. चौधरी को मंगलवार को डेटाक्वेस्ट आईटी पर्सन ऑफ द ईयर-2007 से सम्मानित किया गया। इस मौके पर एनआर नारायणमूर्ति को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान से नवाजा गया। इनके अलावा शीर्ष उत्पादकों और आईटी सेवा कंपनियों को भी सम्मानित किया गया। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के क्षेत्र में डेटाक्वेस्ट सम्मानों को सबसे प्रतिष्ठित माना जाता है।
चौधरी को भव्य समारोह में सम्मानित करते हुए इन्फोसिस के को-चेयरमैन नंदन निलेकनी ने प्रशस्ति-पत्र भेंट किया। चौधरी को यह सम्मान भारत के घरेलू बाजार पर बड़े उत्साह से अपना ध्यान केंद्रित रखने और भारत में कंप्यूटर हार्डवेयर उत्पादन की संभावनाओं पर विश्वास रखने के लिए दिया गया। उल्लेखनीय है कि निलेकनी पिछले साल आईटी पर्सन ऑफ द ईयर चुने गए थे।
लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान इन्फोसिस के चेयरमैन और चीफ मेंटर एनआर नारायणमूर्ति को दिया गया। उन्होंने बड़ी सफलता के साथ एक ऐसी कंपनी बनाई, जिसने न केवल आईटी सेवाओं के अंतरराष्ट्रीय बाजार के नियम बदल कर रख दिए, बल्कि भारतीयों को अपनी राष्ट्रीयता पर गर्व का अहसास कराया और भारत को सॉफ्टवेयर गतिविधियों का केंद्र बना दिया।
पाथ-ब्रेकर पुरस्कार प्रोजेक्ट-भूमि कर्नाटक को पाथब्रेकर ऑफ द ईयर 2007 का सम्मान कर्नाटक सरकार की योजना 'प्रोजेक्ट-भूमि' को भूमि-दस्तावेजों के कंप्यूटरीकरण के लिए दिया गया। वर्ष 1999 में शुरू हुई इस योजना ने अब तक 67 लाख किसानों और राज्य के अन्य जमीन मालिकों को फायदा पहुँचाया है। इस प्रोजेक्ट के तहत 27 हजार गाँवों के दो करोड़ भूमि रिकॉर्डों को कंप्यूटरीकृत किया गया। प्रोजेक्ट-भूमि ने लालफीताशाही और बिचौलियों के जाल से लाखों किसानों और जमीन-मालिकों को आजाद कराने में एक बड़ी भूमिका निभाई है।
यह समारोह डेटाक्वेस्ट और साइबरमीडिया के 25 साल पूरे होने का अवसर भी था। डेटाक्वेस्ट के सालाना सम्मानों की शुरुआत के भी अब 15 साल हो गए है। अब तक डेटाक्वेस्ट सम्मान हासिल करने वालों में एन. विट्ठल, अशोक सूता, अजीम प्रेमजी, शिव नादर, राजेंद्र पवार, किरण कर्णिक और एस. रामदोरई जैसे नाम शामिल हैं। इस मौके पर साइबरमीडिया के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने कहा कि 25 साल पहले केवल एक पत्रिका डेटाक्वेस्ट के साथ उद्यमिता का जो प्रयास शुरू किया गया था, वह अब बढ़कर दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा विशिष्ट प्रकाशन समूह बन गया है, जिसके कुल 15 प्रकाशन हैं। साइबरमीडिया समूह की यात्रा भारत में आईटी पत्रकारिता और बी2बी मीडिया के विकास का पर्याय बन गई।
गुप्ता ने कहा कि साइबरमीडिया भारत का पहला ऐसा मीडिया हाउस बना, जिसने देश के बाहर जाकर अंतरराष्ट्रीय पाठकों के लिए दो पत्रिकाएँ- सिंगापुर से बायोस्पेक्ट्रम एशिया और अमेरिका से ग्लोबल सर्विसेज शुरू कीं।
विजेताओं का चुनाव विशेषज्ञों की एक समिति ने किया, जिसमें इन्फोसिस के को-चेयरमैन नंदन निलेकनी, एएमडी इंडिया के सीईओ और एमडी आलोक ओहरी, जेन्सार टेक्नोलॉजीज के डिप्टी चेयरमैन और एमडी डॉ. गणेश नटराजन, भारती एयरटेल के निदेशक (आईटी और इनोवेशन) डॉ. जय मेनन, नोवल वेस्ट एशिया की तत्कालीन एमडी रेवती कस्तूरी, बीपीईपी इंटरनेशनल के सीनियर पार्टनर राहुल भसीन, नौकरी.कॉम के सीईओ संजीव बिखचंदानी, साइबरमीडिया के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता और साइबरमीडिया प्रकाशनों के प्रधान संपादक श्याम मलहोत्रा शामिल थे। सम्मानों के बारे में पत्रिका के मुख्य संपादक प्रशांतो के. रॉय ने कहा कि डेटाक्वेस्ट 2007 सम्मान इसलिए काफी महत्वपूर्ण हैं कि इस दशक में पहली बार पर्सन ऑफ दी ईयर का सम्मान ऐसे व्यक्ति को दिया गया है, जो पूरी तरह घरेलू आईटी उद्योग से जुड़े हैं। मुझे इस बात का पूरा यकीन है कि आईटी उद्योग के साथ-साथ अर्थव्यवस्था और जीडीपी की भविष्य की बढ़त का आधार घरेलू बाजार और घरेलू उद्योग ही होगा।
इस अवसर पर विभिन्न कंपनियों को कार्पोरेट पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। इनमें टॉप पीसी वेंडर पुरस्कार ह्यूलेट पैकर्ड को, टॉप डिस्ट्रिब्यूटर पुरस्कार इनग्राम माइक्रो, टॉप आईटी ट्रेनिंग कंपनी का पुरस्कार एनआईआईटी, टॉप नेटवर्किंग वेंडर पुरस्कार सिस्को सिस्टम्स, टॉप सर्वर कंपनी का पुरस्कार आईबीएम इंडिया, बेस्ट एम्प्लॉयर और सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी का पुरस्कार टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) और बेस्ट बीपीओ एम्प्लॉयर पुरस्कार वीकस्टमर को दिया। डेटाक्वेस्ट-आईडीसी की ओर से भारत के टॉप टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट्स के सर्वेक्षण में आईआईटी खड़गपुर पहले स्थान पर रहा।
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