टेलीकॉम स्पेस (स्पेक्ट्रम) के मुद्दे पर सीडीएमए और जीएसएम ऑपरेटरों के जारी विवाद के बीच सरकार ने रियालंस टेलीकॉम (आरकॉम) को 14 सर्कलों में दोहरी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए जीएसएम सेवा शुरू करने की इजाजत दे दी है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि संचार मंत्रालय ने श्री अनिल धीरूभाई अंबानी के नेतृत्व वाले आरकॉम को लाइसेंस की शर्तों में तब्दीली की जानकारी दे दी। इसके साथ ही 14 सर्कलों में जीएसएम सेवा शुरू करने की भी इजाजत दे दी। इस विषय पर टिप्पणी के लिए आरकॉम के कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं हो सके, लेकिन दोहरी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए स्पेक्ट्रम आवंटन की सरकारी नीति को चुनौती देने वाली जीएसएम लॉजी सेल्यूलर ऑपेरटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
एसोसिएशन का कहना है कि फिलहाल यह मामला न्यायालय के अधीन है, ऐसे में टिप्पणी नहीं की जा सकती। सीओएआई की टेलीकॉम ट्रिब्यूनल टीडीसेट में लगी याचिका के अलावा दोहरी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल की सरकारी नीति को चुनौती देने हुए एक अन्य याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी लगी हुई है।
बहरहाल सरकारी की ओर से मंजूरी मिलने के बाद आरकॉम अब अपनी विस्तार योजनाओं को क्रियान्वित कर सकेगी। इसी तरह की अनुमति की माँग कर रहे अन्य 46 आवेदकों और टाटा टेलीसर्विसेस को जीएसएम सेवा शुरू करने के बारे में कोई इजाजत नहीं मिली है। इसी साल 19 अक्टूबर को आरकॉम ने पूरे देश में जीएसएम सेवा शुरू करने के लिए दूरसंचार विभाग में 1651 करोड़ रु. जमा कराए थे।
रिलायंस की जीएसएम सेवाएँ 8 सर्कलों में पहले से ही चल रही है, अब उसे शेष 14 सर्कलों में भी जीएसएम सेवा शुरू करने की इजाजत मिल गई है। इस तरह उसे रिलायंस की अब पूरे देश में सेवाएँ होंगी। (नईदुनिया)
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