नई सूचना प्रौद्योगिकी नीति के अनुसार राज्य में निवेश करने वाली प्रथम पांच कम्पनियों को दस हजार रुपये प्रति कर्मचारी की दर से 25 लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा। ऐसी कम्पनियों को राज्य के मूल निवासियों को कम से कम दो वर्ष का रोजगार उपलब्ध कराने की शर्त पूरी करनी होगी।
बड़ी कम्पनियों को विशेष पैकेज दिया जाएगा। इनमें 500 से अधिक लोगों को रोजगार देने वाली सूचना प्रौद्योगिकी ईकाई तथा एक हजार से अधिक रोजगार देने वाली सूचना प्रौद्योगिकी संवर्धित सेवाओं से संबंधित इकाईयों को एक बार दस हजार रुपए प्रति कर्मचारी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
नीति के मुताबिक स्वयं की सुविधा स्थापित करने वाली कम्पनियों को शहरी क्षेत्रों में डीएलसी दर में छूट निवेश के अनुरुप दी जाएगी।
शहरी क्षेत्र में अलग कृषि भूमि पर डीएलसी दर में 25 प्रतिशत तथा रीको द्वारा आवंटित भूमि पर 60 प्रतिशत की छूट मिलेगी। लाभ नहीं कमाने वाली संस्थाओं एवं व्यक्तियों को पेंटेन्ट प्राप्त करने पर 50 हजार रुपये तक खर्च की राशि नियम एवं शर्तो के अनुरुप दी जाएगी।
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