देश की अग्रणी सेल्युलर ऑपरेटर भारती एयरटेल लिमिटिड ने माना कि उसने दूरसंचार विभाग की तकनीकी इकाई टेलीकाम इंजीनियरिंग सेन्टर (टीईसी) के स्पेक्ट्रम आबंटन के नियमों के बारे में दी गई सिफारिशों को पर्याप्त सबूतों और आँकडों के साथ चुनौती दी है।
भारती एयरटेल के प्रमुख सुनील भारती मित्तल ने स्पेक्ट्रम आबंटन के नियमों की समीक्षा के लिए गठित टेलीकाम पैनल की बैठक के बाद यहाँ संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी।
मित्तल ने कहा कि आधुनिक टेक्नोलोजी अपनाने के मामले में हम पर सवाल नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि जानकारी न होने को नियम बदलने के लिए बहाना नहीं बनाया जा सकता। मित्तल ने कहा कि उनकी कंपनी ने स्पेक्ट्रम आबंटन के बारे में टीईसी की सिफारिशों को पर्याप्त सबूतों और आँकडों के साथ चुनौती दी है।
पैनल ने स्पेक्ट्रम आबंटन के मसले पर इस माह के शुरू में अपनी रिपोर्ट दे दी थी। उसने रेडियो तरंगों के आबंटन के लिए उपभोक्ताओं की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी की सिफारिश की है। केन्द्रीय संचार मंत्री ए राजा ने उसकी रिपोर्ट को सिद्धांत रुप में स्वीकार कर लिया था लेकिन भारती एयरटेल, वोडाफोन एस्सार और आइडिया सेल्युलर जैसे जीएसएम ऑपरेटरों के इस पर कड़ा विरोध व्यक्त करने पर सरकार ने नियमों पर नए सिरे से विचार करने के लिए एक पैनल गठित कर दिया। पैनल को इसी महीने अपनी रिपोर्ट देनी है।
दूरसंचार विभाग के अतिरिक्त सचिव आर बंदोपाध्याय की अध्यक्षता में गठित पैनल में बीएसएनएल और एमटीएनएल को शामिल नहीं किया गया है लेकिन इसमें जीएसएम और सीडीएमए के प्रतिनिधि शामिल हैं। पैनल की अगली बैठक 30 नवम्बर को होगी।
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