दूरसंचार विवाद निपटारा एवं अपील पंचाट (टीडीसेट) ने सोमवार को स्पेक्ट्रम आवंटन मुद्दे पर जीएसएम मोबाइल कंपनियों के संगठन सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) की याचिका पर सुनवाई 12 दिसंबर तक टाल दी।
टीडीसेट में इस मामले पर सोमवार से सुनवाई शुरू होनी थी, लेकिन न्यायाधीश का मानना है कि दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीईसी) की सिफारिशों की समीक्षा के लिए अतिरिक्त सचिव (दूरसंचार) के नेतृत्व में गठित समिति की रिपोर्ट आने तक इंतजार किया जाना चाहिए।
यह समिति स्पेक्ट्रम आवंटन के वर्तमान नियमों की समीक्षा करेगी। अभी लाइसेंस युक्त ऑपरेटरों को उनकी ग्राहक संख्या के आधार पर स्पेक्ट्रम आवंटन का नियम है। उम्मीद है कि समिति तीन हफ्ते में अपनी रिपोर्ट दे देगी। सीओएआई ने मोबाइल कंपनियों को एक ही लाइसेंस दायरे में 'दोहरे स्पेक्ट्रम' इस्तेमाल की अनुमति देने के सरकार के फैसले के खिलाफ यह याचिका दायर की है।
जीएसएम ऑपरेटरों का आरोप है कि 19 अक्टूबर को जारी दूरसंचार मंत्रालय की दोहरी प्रौद्योगिकी (ड्यूअल टेक्नोलॉजी) स्पेक्ट्रम नीति से सीडीएमए ऑपरेटर रिलायंस 1651.57 करोड़ रु. का प्रवेश शुल्क चुकाकर 575 आवेदनों की लंबी कतार को लाँघ कर कीमती जीएसएम स्पेक्ट्रम हासिल करने का दावा कर सकता है। गौरतलब है कि सीओएआई ने पिछले हफ्ते टीडीसेट में एक अतिरिक्त शपथपत्र दाखिल करके विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और सरकारी दूरसंचार कंपनियों भारत संचार निगम लिमिटेड, बीएसएनएल और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड, एमटीएनएल को अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटित करने की वैधता को चुनौती दी है।
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