इंटरनेट पर वीडियो सेवा प्रदान करने वाले गूगल की सेवा ‘यूट्यूब’ में अब वे वीडियो नजर नहीं आएँगे, जो किसी कंपनी के कॉपीराइट अधिनियम के अंतर्गत आते हों।
‘वैरायटी.कॉम’ नामक एक वेबसाइट के अनुसार अब से यूट्यूब किसी भी वीडियो को प्रसारित करने से पहले उनकी कंपनियों से सहमति हासिल करेगी और कॉपीराइट अधिनियम के तहत का पालन करेगी।
इस विषय पर यूट्यूब के उत्पाद प्रबंधक डेविड किंग ने बताया कि हम मीडिया कंपनियों से अपने संबंधों को सुधारने के दृष्टिकोण से यह प्रयास कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार इस समझौते में प्राप्त होने वाले लाभ का 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा यूट्यूब संबंधित मीडिया कंपनियों को देगी।
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