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सात फेरों पर साइबर अपराध का साया
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जैसे-जैसे भारत में विवाह संबंध जोड़ने के लिए ऑनलाइन सुविधा के उपयोग का चलन बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे ही इस तंत्र का लाभ उठाकर ठगी करने वालों की संख्या भी बढ़ रही है।

यह राज तब खुला जब लियाकत नामक एक युवक ने अपने को ब्रिटेन स्थित इंजीनियर बताकर 50 से ज्यादा महिलाओं को अपने जाल में फँसा लिया। इनमें से कुछ महिलाओं के साथ तो वह शादी करने में भी कामयाब रहा। उसे हाल ही में चेन्नई में गिरफ्तार कर लिया गया।

भारत मैट्रीमोनी डॉट कॉम के जानकीरमन कहते हैं कि इस घटना से यह तो पक्का हो गया है कि इस माध्यम को भी लोग ठगी करने का साधन बना लेते हैं, इसलिए किसी भी रिश्ते को जोड़ने से पहले बायोडाटा में दिए गए फोन नंबर और पतों की सचाई जरूर जानना चाहिए। एक ऑनलाइन सर्वे के अनुसार देश और विदेश में संबंध जोड़ने के लिए विवाह संबंधी वेबसाइट्स का सहारा लेने की प्रवृत्ति लोगों में दिनोंदिन बढ़ती जा रही है, लेकिन इसी के साथ साइबर क्राइम भी 4 फीसदी प्रति सप्ताह की गति से बढ़ रहा है।

ऐसे में साधारण और भोले-भाले परिवारों के साथ ठगी की संभावना अधिक बढ़ जाती है। अपराध और साइबर अपराध के जाने-माने विशेषज्ञ और वकील श्री विवेक सूद इस बारे में कहते हैं कि साइबर क्राइम ने देश की सीमाएँ भी लाँघ ली हैं और 1993 में जहाँ ये 640 था वहीं 2000 में इनकी संख्या बढ़कर 2 लाख 82 हजार हो गई है।

सिंपलीमैरी डॉट कॉम कहती है कि वह अपने सभी ग्राहकों की जानकारी को शत-प्रतिशत सुरक्षित रखने का प्रयास करती है।

ऑनलाइन सर्वे एजेंसी जस्ट कंसल्ट के अनुसार पिछले एक साल में मेट्रीमोनिअल सर्च सबसे तेजी से खोजने वाली चीज बन गई है। सर्च इंजन पर इसका स्थान दूसरे नंबर पर आ गया है।
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