एप्पल के आई-फोन को साल का सबसे बड़ा गैजट माना जा रहा है। अमेरिका में इसकी धूम मची है। खासियत यह है कि आई-फोन अमेरिका में सिर्फ एटीएंडटी नाम की कंपनी के नेटवर्क पर ही चलता है। इसमें यह सहूलियत नहीं है कि आप हैंडसेट खरीदकर चिप बदल दें, लेकिन अमेरिका में एक शख्स ने ऐसा कारनामा किया है जिससे एप्पल और एटीएंडटी की नींद उड़ गई है।
17 साल के जॉर्ज होत्ज नाम के युवक ने आई-फोन को अनलॉक करने का तरीका निकाल लिया है। अनलॉक करने के बाद इसमें कोई और चिप डालकर किसी भी मोबाइल नेटवर्क पर इसे चलाया जा सकता है। जॉर्ज ने इसे न सिर्फ खोल डाला बल्कि इसका सारा मेथड इंटरनेट पर ऑनलाइन भी कर दिया है। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक जॉर्ज ने यह काम एक साधारण सी सोल्जरिंग गन से कर डाला, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर मैकेनिक करते हैं। इसमें उसने कुछ सॉफ्टवेयर्स भी प्रयोग किए। इसके बाद वह आई-फोन को एटीएंडटी की राइवल कंपनी टी-मोबाइल के नेटवर्क पर यूज कर रहा है। जॉर्ज का कहना है कि ऐसा करके आई-फोन को हरेक के इस्तेमाल के लायक बनाया जा सकता है।
अमेरिका में वेरिजोन, एटीएंडटी और स्प्रिंट जैसी मोबाइल कंपनियाँ अपने ग्राहकों से कम से कम एक साल तक सर्विस लेने का करार करती हैं और पैकेज में हैंडसेट के साथ कनेक्शन देती है। ये करार महँगे होते हैं इसलिए लोग इन्हें तोड़ते नहीं हैं। फोन लॉक होने की वजह से ये किसी और के नेटवर्क पर इस्तेमाल नहीं हो पाते। लेकिन जॉर्ज ने जो कमाल कर दिखाया है उससे इन कंपनियों को मोटा नुकसान हो सकता है। सबसे ज्यादा झटका तो एटीएंडटी को लगा है क्योंकि आई-फोन को एक्सक्लूसिव अपने नेटवर्क पर रखने के लिए उसने एप्पल को मोटी रकम चुकाई थी।
जॉर्ज ने बताया कि उसे आई-फोन अनलॉक करने में करीब 500 घंटे लगे। अनलॉक करने के बाद उसने 2 हैंडसेट ई-बे की वेबसाइट पर बिक्री के लिए रख दिए हैं। आई-फोन की साधारण कीमत 499 डॉलर है। लेकिन वेबसाइट पर इन अनलॉक फोन के लिए लोग हजारों डॉलर की बोली लगा रहे हैं।
होत्ज ने इस सारी प्रक्रिया को भी इंटरनेट पर रख दिया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग फोन को अनलॉक करने का काम सीख सकें। आईफोन-सिमफ्री नाम से भी एक ग्रुप बना है जो दावा कर रहा है कि उसने भी आई-फोन को अनलॉक कर दिया है। लेकिन अभी उनके दावे की पुष्टि की जा रही है। इस ग्रुप में 6 लोग शामिल हैं। उनका कहना है कि वे जून से इस मिशन पर काम कर रहे थे। इन लोगों और जॉर्ज के बारे में अभी एप्पल और एटीएंडटी ने अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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