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रिलायंस कम्युनिकेशंस की ऊँची उड़ान
रिलायंस कम्युनिकेशंस ने फ्लैग टेलीकॉम का अधिग्रहण 2003 में किया था। इस समय उसकी कनेक्टिविटी 40 से 60 देशों में फैल चुकी है।

अंबानी ने कहा कि रिलायंस बीपीओ को मूल कंपनी से अलग किया जाएगा। रिलायंस बीपीओ दूरसंचार, बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा क्षेत्र को सहायक सेवाएँ प्रदान करती है। बीपीओ यूनिट में 7800 कर्मचारी हैं।

उन्होंने कहा कि देश में कई वर्षों तक मोबाइल ग्राहकों की संख्या हर महीने 60 से 70 लाख तक बढ़ती रहेगी। उनकी संख्या 2010 तक 50 करोड़ तक पहुँचने की संभावना है।

वहीं दूसरी ओर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटिड चालू वित्त वर्ष में नेटवर्क विस्तार पर 160 अरब रुपए खर्च करेगी और अपनी बीपीओ यानी आउटसोर्सिंग यूनिट को अलग करेगी। कंपनी के अध्यक्ष अनिल अंबानी ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी है।

रिलायंस कम्युनिकेशंस ने अपने सबसे बड़े अधिग्रहण में अमेरिका की याइप्स होल्डिंग्स इन्कार्पोरेशन को 30 करोड़ डॉलर यानी 1200 करोड़ रुपए में खरीदने की घोषणा की है। रिलायंस कम्युनिकेशंस ने अपनी सहायक कंपनी फ्लैग टेलीकॉम के जरिये यह अधिग्रहण किया है। इससे कंपनी डेटा संचार के वैश्विक बाजार में अपने पाँव जमाने में कामयाब होगी।

फ्लैग टेलीकाम के बारे में अंबानी ने कहा कि फ्लैग टेलीकाम मुनाफा कमाने लगी है। इसके शेयरों को साल के अंत से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में सूचीबद्ध किया जाएगा या इक्विटी के प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिये इसका मूल्य लगाया जाएगा।
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