कड़ी है प्रबंध तंत्र और स्टाफ के बीच की भर्ती और चयन में मानव संसाधन विभाग वांछित अनुभागों के लिए, श्रेष्ठतम कर्मियों की भर्ती के लिए नीतियाँ बनाकर लागू करते हैं। वे आवेदनों की जाँच करते हैं। प्रत्याशियों की सूची शॉर्ट लिस्टेड करते हैं। साक्षात्कार कर संबंधित पद हेतु संभावित प्रत्याशियों का चयन करते हैं। प्रशिक्षण में वे कर्मचारियों और प्रबंध तंत्र की आवश्यकताओं को मापकर कौशल के उन्नयन हेतु आवश्यक कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं। छिपी हुई प्रतिभाओं की पहचान करते हैं तथा आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।
मानव संसाधन विभाग पदोन्नतियों तथा स्थानांतरण को मॉनिटर भी करता है। वह कर्मचारियों और प्रबंध तंत्र के बीच कड़ी के रूप में काम करता है। वह संगठन में होने वाली घटनाओं तथा गतिविधियों से कर्मचारियों को अवगत कराता है। कर्मचारियों से संबंध बनाए रखना मानव संसाधन प्रबंधन का मुख्य पहलू है।
उसके कार्यक्रम में कर्मचारियों को श्रेष्ठ निष्पादन हेतु प्रेरित करना भी शामिल है। वह कर्मचारियों/ यूनियनों तथा प्रबंधनों के बीच विवादों तथा संघर्ष को निपटाने में भी मदद करता है। परामर्श तथा आपसी विचार-विमर्श द्वारा भी वह कर्मचारियों की शिकायतों को निपटाने में मदद करता है तथा संगठन के विकास में योगदान प्रदान करता है।
योग्यताएँ मानव संसाधन का क्षेत्र जिस तरह से रोजाना लोकप्रियता की ऊँचाइयाँ छू रहा है, इस क्षेत्र में करियर बनाने वालों के लिए नए-नए कोर्स भी सामने आ रहे हैं। इस क्षेत्र में वर्तमान में डिप्लोमा से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री उपलब्ध है। इन पाठ्यक्रमों को संचालित करने वाले कुछ प्रसिद्ध संस्थानों में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मून रिसोर्स डेवलपमेंट, अकेडमी ऑफ मून रिसोर्सेज मैनेजमेंट, एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया तथा आईआईएम प्रमुख हैं।
भारतीय विद्या भवन जैसे संस्थानों द्वारा भी औद्योगिक संबंध तथा कार्मिक प्रबंधन में डिप्लोमा कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। फिर भी एच आर में करियर बनाने के लिए आमतौर पर एमबीए (एच आर और पर्सनल मैनेजमेंट) पहली अनिवार्यता है। इस क्षेत्र में अन्य योग्यताएँ अथवा अनुभव में सोशल वर्क प्रमुख हैं। इसके साथ ही औद्योगिक तथा श्रम कानून का ज्ञान भी अनिवार्य माना जाता है।
अवसर तथा संभावनाएँ किसी भी संगठन में मानव संसाधन के क्षेत्र में पदोन्नति के अवसर अमूमन वैसे ही हैं जैसे कि अन्य विभागों में होते हैं। इसमें शुरुआत एच आर एक्जीक्यूटिव से शुरू होकर मैनेजमेंट ट्रेनी/ मैनेजर/ असिस्टेंट मैनेजर/ जनरल मैनेजर एचआर/ पर्सोनेल/ आई आर/ प्रशासन तथा डायरेक्टर एच आर/ वाइस प्रेसीडेंट एच आर तक पदोन्नति प्राप्त की जा सकती है। वेतनमान कार्यस्थल तथा संस्थान की प्रतिष्ठा के अनुरूप घटता-बढ़ता है फिर भी यह 15 हजार से शुरू होकर 70 हजार रुपए प्रतिमाह तक पारिश्रमिक सुनिश्चित करता है।
स्त्रोत : नईदुनिया अवसर
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