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भारत का पहला ऊर्जा विवि : यूपीईएस
यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज
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यद्यपि पेट्रोलियम उद्योग में करियर बनाने वाले अधिकांश छात्र भूगर्भशास्त्र की पृष्ठभूमि से संबंधित होते हैं, जिन्होंने नियमित महाविद्यालयों में अध्ययन किया होता है। पेट्रोलियम और ऊर्जा को समर्पित देश के पहले ऊर्जा विश्वविद्यालय की देहरादून में स्थापना से इस क्षेत्र को एक नई दिशा मिली है।

द यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (यूपीईएस) उत्तरांचल राज्य विधायिका के एक अधिनियम द्वारा स्थापित एक सांविधिक विश्वविद्यालय है। इसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 1956 की धारा 2 (एफ) के अंतर्गत यूजीसी के द्वारा रखी जाने वाली विश्वविद्यालय की सूची में शामिल किया गया है।

यह देश का ऐसा पहला विश्वविद्यालय है जो खासकर पेट्रोलियम और ऊर्जा अध्ययन के प्रति समर्पित है। यह अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर पेट्रोलियम, ऊर्जा और ट्रांसपोर्टेशन क्षेत्रों में कटिंग एज पाठ्यक्रम प्रदान करता है। इसका मुख्य 25 एकड़ में फैला परिसर एनर्जी एकरिज्‌ देहरादून की पोंथा घाटी के खूबसूरत वातावरण में स्थित है।

पृष्ठभूमि एवं उद्देश्य
यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (यूपीईएस) सोसायटी अधिनियम 1960 के अंतर्गत गठित एक लाभ निरपेक्ष समिति हायड्रोकार्बन्स एजुकेशन एंड रिसर्च सोसायटी (एचईआरएस) का एक उद्यम है। इसका उद्देश्य ऊर्जा प्रबंधन, पेट्रोलियम, विद्युत ऊर्जा और गैर परंपरागत ऊर्जा संसाधनों के क्षेत्र में पेशेवर शिक्षा तथा प्रशिक्षण प्रदान करना।
  पेट्रोलियम उद्योग में करियर बनाने वाले अधिकांश छात्र भूगर्भशास्त्र की पृष्ठभूमि से संबंधित होते हैं, जिन्होंने नियमित अध्ययन किया होता है। पेट्रोलियम और ऊर्जा को समर्पित देश के पहले ऊर्जा विवि की देहरादून में स्थापना से एक नई दिशा मिली है।      


इस समिति के सदस्यों में पूर्व पेट्रोलियम सचिव, वरिष्ठ प्रोफेशनल्स, विभिन्न तेल कंपनियों के प्रमुख सहित तेल और गैस उद्योग के प्रतिष्ठित लोग तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के विशेषज्ञ शामिल हैं। इसकी दृष्टि इसे एक आधुनिक सुविधायुक्त प्रीमियर संस्थान के रूप में खुद को स्थापित कर तेल तथा गैस उद्योग के क्षेत्र में विश्वस्तरीय शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान परामर्श और आउटरीच सेवाएँ प्रदान करना है।

इसका लक्ष्य ऐसी शीर्षस्थ गुणवत्ता युक्त मानव संसाधन तैयार करना है जो देश के आर्थिक विकास हेतु पेट्रोलियम उद्योग की उत्पादकता बढ़ाए। इसे उद्योग के प्रोफेशनल को शिक्षण एवं प्रशिक्षण देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे विशिष्ट शिक्षण और आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से भारतीय पेट्रोलियम उद्योग के विकास को आगे बढ़ाने में नेतृत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार करना तथा पेट्रोलियम उद्योग के सभी तकनीकी और प्रबंधकीय पहलुओं में अनुसंधान परामर्श और विकास गतिविधियों को सहायता पहुँचाना है।
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