सबसे आगे शतरंज के खिलाड़ी एक दिमागी खेल के रूप में मशहूर शतरंज भारत में भी खूब लोकप्रिय है। बचपन से शुरुआत कर स्कूल और कॉलेज स्तर से होते हुए जूनियर चैंपियनशिप के रास्ते इंटरनेशनल चैस चैंपियनशिप तक पहुँचा जा सकता है। विश्वनाथन आनंद ने इसे नई ऊँचाइयाँ देकर बता दिया कि भारतीयों के लिए भी यह एक अच्छा विकल्प है। ऑल इंडिया चैस फेडरेशन द्वारा युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए राष्ट्रीय केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इसे चतुरंगम डॉट कॉम पर ऑनलाइन भी खेला जा सकता है। प्रतिभाशाली खिलाड़ी इसमें नाम और दाम दोनों कमा सकते हैं।
टेनिस के ठाठ टेनिस के रैकेट से भी बल्ले की तरह पैसा झरता है। हमारे यहाँ रामनाथ कृष्णन से लेकर अमृतराज बंधुओं और पेस भूपति से लेकर सानिया मिर्जा ने इस क्षेत्र में शानदार करियर बनाकर युवाओं को प्रेरित किया है। कृष्णन टेनिस सेंटर, ब्रिटानिया-अमृतराज टेनिस फाउंडेशन, एस टेनिस अकेडमी, टेनिस बिलेज, सिंनेट टेनिस अकेडमी और ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन युवाओं को इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं।
टारगेट पर है करियर शूटिंग यानी कि निशानेबाजी के माध्यम से करियर को टारगेट बनाए जाने का भी सिलसिला बढ़ा है। पहले कभी राजा-महाराजाओं का शौक रहा यह क्षेत्र करियर निर्माण का साधन बन गया है। ओलिंपिक खेलों के अलावा इसकी राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में नाम के साथ अच्छी कमाई भी की जा सकती है।
और भी हैं राहें इन खेलों के अलावा एथलेटिक्स, स्वीमिंग, कार रेस, मुक्केबाजी और कुश्ती ऐसे खेल हैं जो व्यक्तिगत संतुष्टि के साथ करियर निर्माण में भी मददगार साबित हुए हैं और युवाओं में इनकी माँग बढ़ती जा रही है।
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