पिछले कुछ वर्षों में विज्ञापन के लिए रचनात्मक लेखन में बहार आई है। इस लिहाज से एडवर्टाइजिंग कंपनियों में रचनात्मक लेखकों के लिए हमेशा जगह बनी रहती है। वहीं विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में कॉपी एडिटर और स्क्रिप्ट राइटर की जरूरत हमेशा होती है। भारत में अलग-अलग विषयों पर रचनात्मक लेखन के लिए कुछ कंपनियाँ बेहतर काम कर रही हैं। इन स्थानों पर रचनात्मक लेखन से संबंधित रोजगार के अवसर बने रहते हैं।
ओगिल्वी एंड मदर लिमिटेड (पीयूष पांडे), मुद्रा कम्यूनिकेशन (डॉ. मधुकर कामत), लिंटास (प्रणेश), जेडब्ल्यूटी (हिंदुस्तान थाम्पसन एसोसिएट्स, कैल्विन हैरिश), एफसीबी (उल्का एडवर्टाइजिंग, अनिल कपूर), रीडिफ्यूजन डीवाई एंड आर लिमिटेड (महेश चौहान), आरके स्वामी बीबीडीओ प्रा.लि. (श्रीनाथ के. स्वामी), मैक-कैन एरिस्कॉन इंडिया लि. (सौरभ मिस्त्री) और ग्रे वर्ल्डवाइड इंडिया प्रा.लि. (निर्भीकसिंह) आदि संस्था के अलावा सैकड़ों की संख्या में सिर्फ विज्ञापन के लिए रचनात्मक लेखक काम करते हैं।
सूचना तंत्र के प्रसार के कारण इस क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में तेजी से वृद्धि हो रही है। अमूमन सभी कंपनियों में क्रिएटिव सेल जैसे अलग विभाग विकासित होने लगे हैं। कंपनियाँ अपने उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए रचनात्मक लेखकों की आउटसोर्सिंग भी करती हैं।
रचनात्मक लेखक बनने की सबसे बड़ी योग्यता भाषा पर अच्छा नियंत्रण है। इसके साथ ही समय-समाज और जिस विषय पर लेखन करना है, उस पर अच्छी पकड़ और समझ होनी चाहिए। पंच लाइन और कम से कम शब्दों में अभिव्यक्ति का हुनर होना भी जरूरी है। वैसे रचनात्मक लेखन में कुछ विश्वविद्यालय कोर्स भी कराते हैं।
इग्नू की ओर से रचनात्मक लेखन में कोर्स किया जा सकता है। इसके अलावा ब्रिटिश कौंसिल के विभिन्न शाखाओं, जेवियर इंस्टीट्यूट, मुंबई, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल से रचनात्मक लेखन का कोर्स किया जा सकता है।
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