यहाँ संरक्षा विभाग ने औद्योगिक संरक्षा के महत्व को इतनी अच्छी तरह से प्रचारित-प्रसारित किया है कि मजदूर से लेकर महाप्रबंधक तक न केवल इससे परिचित हैं बल्कि पूरी निष्ठा से संरक्षा प्रावधानों का पालन कर रहे हैं।
संस्था के प्रति जागरूकता का यह असर हुआ है कि आज नियोक्ता सिर्फ संरक्षित उपकरण ही नहीं बल्कि एक संरक्षित वातावरण भी प्रदान करता है। वह अपने कर्मचारियों तथा अधिकारियों को संरक्षा संबंधी शिक्षा प्रशिक्षण भी प्रदान करवाता है। वास्तव में देखा जाए तो संस्था प्रबंधन में आने वाली समस्याओं का पता लगाना ही उसका निराकरण करने जैसा है।
बढ़ रहे हैं अवसर
औद्योगिक संस्था से होने वाले फायदों को देखते हुए लगभग सभी औद्योगिक इकाइयों में फायर और सेफ्टी ऑफिसर के पद सृजित होने लगे हैं। इस क्षेत्र में अच्छे अवसर और काम के बदले अच्छा वेतन प्रतिसाद देखते हुए युवा वर्ग औद्योगिक संरक्षा तथा फायर इंजीनियरिंग में अपने करियर निर्माण की अच्छी संभावना देख रहा है।
इसका एक सुखद पक्ष यह भी है कि युवक ही नहीं युवतियाँ भी इस चुनौतीपूर्ण करियर में उतरकर औद्योगीकरण को सुरक्षित तथा संपन्न बना रही हैं। आने वाला युग औद्योगिक युग है लिहाजा इंडस्ट्रीयल सेफ्टी और फायर इंजीनियरिंग जैसे करियर कल के हॉट करियर साबित होंगे।
(लेखक बैंक नोट प्रेस, देवास के वरिष्ठ संरक्षा अधिकारी हैं)
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