- अशोक जोशी
लाभ और हानि, उतार और चढ़ाव, तेजी और मंदी ऐसे शब्द हैं, जिनमें आपकी रुचि यह दर्शाती है कि आप उन लोगों में से हैं, जो स्टॉक मार्केट के रुख को अच्छी तरह भाँपते हैं। जिस बाजार से देश की आर्थिक व्यवस्था का पारा चढ़ता-उतरता रहता है, वह बाजार स्टॉक ब्रोकर के लिए करियर का एक बेहतर विकल्प बनता जा रहा है।
स्टॉक और शेयर वह विधि है, जिसके द्वारा सरकार अथवा निजी कंपनियों द्वारा अपने उपयोग के लिए लोगों से पैसा इकट्ठा किया जाता है। कुछ दशक पूर्व केवल मुंबई में ही देश का एकमात्र स्टॉक एक्सचेंज था और गिनी-चुनी कंपनियाँ ही शेयर मार्केट में सूचीबद्ध थीं। आजकल देश के लगभग सभी महानगरों में स्टॉक एक्सचेंज हैं, जहाँ प्रतिदिन करोड़ों रुपए का व्यवसाय होता है। इतना ही नहीं, अब 1994 में स्थापित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) द्वारा पूरे देश के निवेशकों को राष्ट्रव्यापी व्यापार सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं।
व्यवसाय ब्रोकर का स्टॉक ब्रोकर्स और केपिटल मार्केट एक्सपर्ट इस उद्योग के योग्यता प्राप्त विशेषज्ञ होते हैं, जो स्टॉक्स की खरीदी-बिक्री पर सलाह देते हैं। इस उद्योग द्वारा अर्थशास्त्रियों, लेखाकारों, वित्तीय विश्लेषकों, इंडस्ट्री स्पेशलिस्ट्स, केपिटल मार्केट स्पेशलिस्ट्स, इन्वेस्टमेंट और फाइनेंशियल प्लानर्स, फाइनेंशियल स्पेशलिस्ट तथा इन जैसे पेशेवरों को रोजगार प्रदान किया जाता है। इस व्यवसाय में संलग्न फर्में सामान्यतः तीन विभागों में संघटित हैं, जिनमें निम्न कार्य शामिल हैं। | | आज स्टॉक एक्सचेंजों या सेबी के साथ-साथ वित्तीय संस्थाओं, निवेश बैंक में काम पा सकते हैं या स्वरोजगार स्थापित कर अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। इस समय हमारी एक चौथाई बैंकों की अपनी ब्रोकेज फर्म है, जहाँ आज सुरक्षित तथा अच्छा करियर आरंभ कर सकते हैं। |
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* प्रतिभूति स्वामियों के लिए विक्रय और व्यापार * प्रतिभूति जारी करने वाली फर्मों तथा सरकार के लिए इन्वेस्टमेंट बैंकिंग * केपिटल मार्केट्स जो अन्य दो प्रभागों के नीचे आता है।
प्रमुख कार्यक्षेत्र * केपिटल मार्केट विशेषज्ञों को बाजार की उभरती प्रवृत्तियों से तालमेल बनाए रखने तथा इन प्रवृत्तियों के परिप्रेक्ष्य में पूँजीगत निर्णय लेने के लिए म्यूच्युअल फंडों तथा वित्तीय निवेश कंपनियों द्वारा नियुक्त किया जाता है।
* सिक्योरिटी विश्लेषकों को निवेश सलाहकारों, ब्रोकेज फर्मों, बैंकों, इंश्योरेंस कंपनियों और बड़े वित्तीय संस्थानों द्वारा नियुक्त किया जाता है, ताकि उन्हें उद्योगों तथा बाजारों की सही जानकारी मिल सके। आमतौर पर सिक्योरिटी एनालिस्ट अर्थशास्त्र/वाणिज्य स्नातक होते हैं।
* इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट किसी उद्योग के विकास, वित्तीय प्रबंधन, औद्योगिक ऋण का विश्लेषण, मॉनीटरिंग तथा संसाधनों के ठोस वित्तीय प्रबंधन की समीक्षा करते हैं।
स्त्रोत : नईदुनिया अवसर
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