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इंटीरियर डिजाइन में सफलता के सूत्र
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पेशेवर इंटीरियर डिजाइन का भविष्य उसके द्वारा अपने ग्राहकों को संतुष्ट करने की क्षमता पर निर्भर करता है। उसे कला और तकनीकी क्षमता के अलावा इंटरपर्सनल और मैनेजमेंट कौशल भी रखना चाहिए। उसे ग्राहक की आवश्यकताओं का आकलन, मिनिएचर डिजाइन विकसित करने, ग्राहकों की प्रतिक्रिया ग्रहण करने, अंतिम डिजाइन विकसित और प्रस्तुत करने, फर्निशिंग और फिक्सर मटेरियल का चयन करने तथा अंतिम उत्पाद का सुपरविजन और कार्यान्वयन करते आना चाहिए।

संयोग से इस क्षेत्र में वे लोग प्रवेश करते हैं, जिनके पास इंटीरियर डिजाइन की कोई औपचारिक शिक्षा नहीं होती है। धीरे-धीरे कोर्स अटेंड कर, नेट पर सर्फ कर, साहित्य पढ़कर तथा रिटेल प्रोफेशनल्स से बात कर अपना काम चलाते हैं। फिर भी, यह धीरे-धीरे एक प्रतिस्पर्धात्मक क्षेत्र बनता जा रहा है और जिन्होंने इस क्षेत्र में मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री प्राप्त की है वे इंटीरियर डिजाइन में निश्चित ही सफलता पाते हैं।

सफल इंटीरियर डिजाइनर के गुण चा
सूक्ष्म दृष्टि, सुविज्ञता धैर्य और सतत सुधार

इंटीरियर डिजाइनर बनने और बने रहने में मूलभूत अंतर है। विभिन्न संस्थाओं में पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रमों को पढ़कर कोई भी अपने आपको इंटीरियर डिजाइनर कह सकता है। लेकिन सफल इंटीरियर डिजाइनर वह होता है, जो अपने बारे में खुद कुछ नहीं कहता है, बल्कि उसका काम बताता है कि वह कितना सफल है। लोग जिस इंटीरियर डिजाइनर की चर्चा करें, वही होता है सफल इंटीरियर डिजाइनर।

सफलता हासिल करना और उसे बनाए रखना इतना आसान नहीं है। इसके लिए इंटीरियर डिजाइनर में कतिपय प्रोफेशनल क्वालिटी या गुणों का होना जरूरी है। अन्य सभी पेशों की तरह, कोई भी पाठ्यक्रम आपको महज बुनियादी ज्ञान प्रदान करता है, ज्यादा से ज्यादा आपको वह पेशा अपनाने की डिग्री-भर प्रदान करता है। बतौर एक इंटीरियर डिजाइनर सफलता प्राप्त करना कोई जादुई फार्मूला नहीं है। इसके लिए व्यक्ति कोधैर्यवान होने के साथ-साथ आरंभिक वर्षों में बेहद कठोर परिश्रम करने की आवश्यकता होती है ताकि इस व्यवसाय के गुर सीखे जा सके।

सफल इंटीरियर डिजाइनर में सूक्ष्म दृष्टि, सुविज्ञता, धैर्य और गलतियों से सबक लेते हुए अपने काम में लगातार सुधार लाने का गुण होना चाहिए। सूक्ष्म दृष्टि जहाँ उसे विषय समझने और उसे ग्राहक की अपेक्षानुसार कार्य में ढालने मे मदद करती है, वहीं सुविज्ञता उसे अपने कार्यके प्रति विशेषज्ञता प्रदान करती है। बेशक, इंटीरियर डिजाइन के क्षेत्र में सफलता मिलती है, लेकिन उसे रातोंरात या एकाध काम द्वारा हासिल नहीं किया जा सकता बल्कि सफलता पाने के लिए धैर्य इसलिए जरूरी है, क्योंकि सब्र का फल हमेशा मीठा होता है।
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