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दो किस्तों में फीस भर सकेंगे
भोपाल। प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति ने प्रदेश के निजी व्यावसायिक कॉलेजों की सत्र 2009-10 के लिए फीस निर्धारित कर दी है। इस बार विद्यार्थियों को दो किस्तों में फीस भरने की सुविधा दी गई है।

जिन कॉलेजों ने अपने यहाँ छठा वेतनमान लागू कर लिया है उन्हीं की फीस में इस बार आंशिक बढ़ोतरी की गई है। जबकि मुद्रास्फीति की दर शून्य होने के चलते गत वर्ष की अधिकतम फीस को आधार मानते हुए समिति ने फीस में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया।

विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए इस बार समिति ने प्रति सेमेस्टर के अनुसार फीस घोषित की है। छात्रों को इस साल इंस्टॉलमेंट में फीस अदा करनी होगी। समिति ने बीई, एमबीए व एमसीए की न्यूनतम फीस 18 हजार 150 से लेकर अधिकतम 27 हजार 500 तक निर्धारित की है। जबकि बीफार्मा की 18 हजार 250 से लेकर 27 हजार 500 तथा डीफार्मा की 13 हजार 250 से लेकर 19 हजार 250 रुपए तक तय की है। वहीं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की फीस में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

समिति अध्यक्ष डॉ.पीएल चतुर्वेदी ने बताया कि पिछले साल के बनिस्बत इस साल अधिक कॉलेजों के प्रस्ताव समिति के पास आए थे। नए सत्र के लिए बीई के 138, एमबीए के लिए 116, एमसीए के लिए 62, बीफार्मा के लिए 80 व डीफार्मा के लिए 26 कॉलेजों ने प्रस्ताव भेजे थे। इनमें से बीई व एमबीए के 22-22, एमसीए के 19, बीफार्मा के 6 व डीफार्मा के 2 कॉलेजों की फीस में ही बदलाव किया गया है। जबकि पिछले साल जिनकी फीस अधिकतम सालाना 55 हजार रुपए थी उनकी फीस में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

इसके अलावा करीब 11 कॉलेज ऐसे हैं जिन्होंने अपने प्रस्ताव नहीं भेजे थे। समिति ने इन कॉलेजों की फीस 15 हजार रुपए प्रति सेमेस्टर तय की है। इस बार कॉलेजों की ओर से 60 हजार से लेकर 1 लाख 20 हजार तक फीस बढ़ाने के प्रस्ताव रखे गए थे।

समिति अध्यक्ष ने बताया कि इस बार फीस निर्धारण के समय छठवें वेतनमान को विशेष तौर पर ध्यान में रखा गया था। जिन संस्थानों ने छठवें वेतनमान की घोषणा की व इसे लागू करने के प्रमाण समिति के सामने प्रस्तुत किए थे, उन संस्थाओं को ही लाभ दिया गया है। यह फीस सत्र 2009-10 में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए पूरी अवधि के लिए तय की गई है।

पिछले साल प्रवेश लेने वाले छात्रों पर यह लागू नहीं होगी। समिति काउंसलिंग प्राधिकरण से भी यह अनुशंसा कर रही है कि छात्रों द्वारा काउंसलिंग के दौरान ही एक निश्चित अवधि के दौरान ही निर्धारित फीस जमा करा ली जाए ताकि कॉलेज उनसे अनधिकृत फीस न वसूल सके।

प्रति सेमेस्टर फीस

बीई - न्यूनतम 18150, अधिकतम 27500

एमबीए - न्यूनतम 18150 अधिकतम 27500

एमसीए - न्यूनतम 18150 अधिकतम 27500

बीफार्मा - न्यूनतम 18250 अधिकतम 27500

डीफार्मा - न्यूनतम 13250 अधिकतम 19250
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