भोपाल। इंजीनियरिंग में प्रवेश पीईटी की बजाय बोर्ड परीक्षाओं के जरिए दिया जाए। साथ ही दस साल से अधिक पुराने जितने निजी कॉलेज हैं, उन्हें स्वायत्तता का दर्जा दे दिया जाए।
यह सुझाव प्रदेशभर से आए तकनीकी शिक्षा विशेषज्ञों ने बुधवार को तकनीकी शिक्षा की पुनर्संरचना के लिए रणनीति, दृष्टिकोण व कार्य पर आधारित कार्यशाला में दिए। कार्यशाला का शुभारंभ उच्च शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनीस ने किया।
अब दो दिन में कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जो मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को सौंपी जाएगी। बुधवार को कार्यशाला में तकनीकी विशेषज्ञों ने कहा कि पीईटी की बजाय बोर्ड परीक्षा से इंजीनियरिंग में प्रवेश देने से स्कूली पाठ्यक्रमों की महत्ता भी बढ़ेगी। पोलिटेक्निक कॉलेजों व आईटीआई को इंजीनियरिंग कॉलेजों से जो़ड़ा जाना चाहिए। |