- भाषा सिंह नई दिल्ली। डीम्ड विश्वविद्यालयों पर नए सिरे से नकेल कसने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पूरी तैयारी कर ली है। जल्द ही उन पर लगाम कसने संबंधी फैसला होने के संकेत हैं। मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार सारा पेंच यहाँ फँसा हुआ कि जिन शैक्षणिक संस्थाओं को डीम्ड विश्वविद्यालयों का दर्जा मिल चुका है और वे लंबे समय से काम कर रहे हैं, उनके भविष्य के बारे में क्या फैसला किया जाए।डीम्ड विश्वविद्यालयों की सूची में कई नामी संस्थान भी शामिल हैं। बहरहाल, मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल के इस आदेश के बाद से कि डीम्ड विश्वविद्यालयों की समीक्षा की जाएगी, मंत्रालय में तमाम डीम्ड विश्वविद्यालयों की विश्वसनीयता को जाँचा जा रहा है। पूरा मामला यूजीसी और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के बीच का बताया जा रहा है। करीब दो महीने पहले यूजीसी ने यह आदेश जारी किया था कि डीम्ड विश्विविद्यालयों को अपने नाम के आगे यह "डीम्ड" शब्द जोड़ने की जरूरत नहीं है। इस पर भी काफी हंगामा हुआ था। अब कपिल सिब्बल इस पूरे विवाद को इस तरह से निपटाना चाहते हैं कि डीम्ड विश्वविद्यालयों के नाम पर जो दुकानें खुली हुई हैं, उन पर लगाम कसी जा सकें। |