खंडवा जिले के चाँदगढ़ में रेंजर ऑफिसर के पद पर कार्यरत एसएस अनवर की पुत्री हाजरा अनवर ने मध्यप्रदेश बोर्ड की कक्षा 10वीं में कुल 97.2 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
हाजरा का परिवार और उनके शिक्षक हाजरा की इस उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे हैं। वे कहते हैं कि हाजरा ने इस सफलता के लिए कठोर परिश्रम किया है।
हाजरा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी शुरू से ही मेधावी छात्रा रही है और उसे कभी भी 95 प्रतिशत से कम अंक नहीं आए। उन्होंने वेबदुनिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा था कि हाजरा 5वीं और 8वीं कक्षा के बाद 10वीं में भी मेरिट में अपना स्थान बनाएगी, इसीलिए उन्होंने परीक्षा परिणाम घोषित होने के दस दिन पहले ही मीडिया में हाजरा का फोटो दे दिया था। उन्होंने बताया कि हाजरा परिणाम घोषित होने के समय खंडवा में नहीं थी, लेकिन उन्होंने वेबदुनिया पर उसका परिणाम जान लिया था।
10वीं कक्षा में हाजरा की तैयारी के बारे में अनवर कहते हैं- उसने कभी भी पढ़ाई को बोझ नहीं समझा, वह बुक वर्म की तरह हमेशा ही किताब से चिपकी नहीं रहती है, बल्कि निश्चित समय के मुताबिक एक स्टडी प्लान लेकर चलती है। अनवर ने अपनी बेटी के बारे में आशा जताई कि वह आईआईटी में भी इन्शाल्लाह पहले टॉप 100 में अपना स्थान बनाएगी।
हाजरा की बड़ी बहन जोवेरिया अनवर ने भी दो साल पहले कक्षा 10वीं में 90 प्रतिशत अंक हासिल किए थे।
हाजरा के मुताबिक उनकी इस कामयाबी का श्रेय उनके माता-पिता को जाता है, लेकिन हाजरा के पिता कहते हैं कि माँ-बाप के जो फर्ज होते हैं वही हमने किया है, लेकिन जो कुछ भी किया है, उसका 80 प्रतिशत योगदान हाजरा की मम्मी का है।
बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय से एमए बीएड में टॉपर रहीं हाजरा की मम्मी कोर्स की किताबों के अलावा खुद हाजरा के लिए स्टडी मटेरियल चुनती हैं। उनके मुताबिक एमपी बोर्ड की छात्रा होने के बावजूद हाजरा ने सीबीएसई पैटर्न का कोर्स पढ़ा है।
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