- पूजा जोशी
'एक साधे सब सध जाए' वाली कहावत से यदि किसी को रोजाना रूबरू होना पड़ता है तो वह किसी संस्थान का एच आर मैनेजर ही होता है, जो अपने संस्थान के लोगों को साधकर संस्थान को पटरी पर बनाए रखता है तथा उसकी आधारभूत पूँजी अर्थात कर्मचारियों को लाभान्वित करते हुए सबको साधने के नए-नए तरीके खोजता रहता है। वास्तव में देखा जाए तो एच आर प्रबंधक का काम दुधारी तलवार पर चलने जैसा होता है।
एक तरफ उसे असंतुष्ट कर्मचारियों को खुश करना होता है तो दूसरी तरफ उसे प्रबंध तंत्र की सीमाओं का भी ख्याल रखनापड़ता है। ऐसी स्थिति में सफल एच आर मैनेजर वही साबित होता है, जो इन दो पाटों के बीच पिसने के बजाय दोनों पक्षों को साधकर संस्था और उससे जुड़े लोगों के हितों को साध लेता है।
संगम कला और कौशल का यूँ देखा जाए तो मानव संसाधन का कार्य एक कला और कौशल है जिसे हासिल किया जा सकता है। अधिकांश अभिलाषी जो एच आर के क्षेत्र में बड़ा नाम करना चाहते हैं, उन्हें अपेक्षाकृत इस बारे में कोई जानकारी नहीं होती है कि कुछ अत्यधिक आसान से दिखाई देने वाले कौशल कितने महत्वपूर्ण होते हैं। एच आर के क्षेत्र में कार्य के प्रति प्रतिस्पर्धात्मक कौशल का होना सबसे जरूरी है, क्योंकि जब तक सही काम के लिए सही कर्मचारी नहीं होंगे, तब तक न तो कर्मचारी का भला होना है और न ही संस्थान को प्रतिस्पर्धा लेने लायक ही बनाया जा सकता है। | | 'एक साधे सब सध जाए' वाली कहावत से यदि किसी को रोजाना रूबरू होना पड़ता है तो वह किसी संस्थान का एच आर मैनेजर ही होता है, जो संस्थान के लोगों को साधकर संस्थान को पटरी पर बनाए रखता है तथा कर्मचारियों को लाभान्वित करते हुए सबको साधने के नए तरीके खोजता है। |
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सफलता का सूत्र जो युवा एच आर के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखते हैं या ख्वाब सँजोए बैठे हैं, उन्हें तरह-तरह के काम करने के लिए माहिर ही नहीं, बल्कि तत्पर भी रहना होगा। उनकी ऊर्जा का स्तर अत्यधिक उच्च होना चाहिए तथा उनका पारस्परिक व्यक्तिगत कौशल उत्कृष्ट होना आवश्यक है। एच आर एक ऐसा क्षेत्र है, जहाँ टीम लीडर बनने के लिए सुनने की क्षमता, धैर्य के साथ-साथ प्रभावी संप्रेषण कौशल सबसे ज्यादा मायने रखता है। जो युवा सकारात्मक व्यवहार और हमेशा कुछ न कुछ नया सीखने तथा आगे बढ़ने की ललक रखते हैं, वे आगे चलकर सफल एच आर मैनेजर साबित होते हैं।
न हो पद या पॉवर का अभिमान मानव संसाधन में मानवीय पहलू और मानवीय मूल्यों को कदापि नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। सफल एच आर प्रबंधन बनने के लिए जरूरी है कि अपनी योग्यता में मानवीय गुणों, मानवीय संबंधों तथा मानवीय मूल्यों का समावेश किया जाए। इसके लिए आपको लोकोन्मुखी, समानुभूतिपूर्ण होने के साथ-साथ ही सभी के साथ सहजता से मिलने और व्यवहार करने का आदी होना चाहिए। उन्हें लोगों पर अपने पद या पॉवर के दुरुपयोग के लिए लालायित नहीं होना चाहिए। मौजूदा सेटअप में अतिरिक्त रूप से प्रौद्योगिकी जागरूकता और तकनीकी ज्ञान महत्वपूर्णहै। इसलिए नवीनतम सॉफ्टवेयर पैकेज यथा एनएस वर्ड 2001, एमआईएस, विस्टा, एक्सैल तथा पॉवर पॉइंट का ज्ञान और अनुप्रयोग एच आर के कार्य निष्पादन को आसान बनाता है।
मानव संसाधन में करियर बनाने वालों में समस्याओं को निपटाने नहीं, बल्कि सुलझाने की कला होनीचाहिए। उन्हें विवादों में मध्यस्थता कर समझौते की राह निकालने में माहिर होना चाहिए, साथ ही औद्योगिक एवं श्रम कानूनों के ज्ञान तथा अनुप्रयोग में भी सिद्धहस्त होना चाहिए।
भविष्य की संभावनाएँ भरपूर बैंकिंग की तरह ही मानव संसाधन प्रबंध का क्षेत्र भी तेजी से टिकाऊ बनता जा रहा है। एच आर कर्मी व्यवसाय में भागीदार बन सकते हैं। मानव संसाधन प्रतिभा के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए टॉप मैनेजमेंट के साथ रणनीतियुक्त निर्णय ले सकते हैं। ऐसे लोग जो युवा प्रतिभाओं को मान्य करने, उन्हें पोषित कर विकसित होते देखने, प्रशिक्षण देने, परामर्श करने, मार्गदर्शन कर निष्पादन का मूल्यांकन करने तथा मुआवजा समीक्षा का निर्धारण करने के प्रति उत्साही हैं तो एच आर का क्षेत्र आपके करियर को एक लाभप्रद दिशा देने के लिए इंतजार कर रहा है।
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