फॉरेस्ट्री से जुड़े कई क्षेत्र ऐसे हैं जो युवाओं के चुनौतीपूर्ण व्यक्तित्व के अनुरूप हैं। इनमें वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी का कोर्स भी शामिल है। वर्तमान में यदि युवा पीढ़ी इस चुनौतीपूर्ण करियर के प्रति उदासीन है तो इसका एक ही कारण है कि वन्य जीवन और फॉरेस्ट्री के बारे में उनके पास ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसके लिए उन्हें इस विषय की ज्यादा से ज्यादा जानकारी उपलब्ध कराई जाना चाहिए ताकि जो इस क्षेत्र में दिलचस्पी रखते हैं, वाइल्ड लाइफ में करियर विकल्प चुन सकें।
वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फंड इंडिया इस दिशा में बेहतर कार्य कर रही है। इसकी वरिष्ठ प्रोजेक्ट अधिकारी संगीता मित्रा का मानना है कि अब वाइल्ड लाइफ और फॉरेस्ट्री के क्षेत्र में गैर सरकारी संगठन भी आगे आने लगे हैं और अब इस क्षेत्र में एनवायरमेंटल एजुकेटर्स के लिए भी बेहतर अवसर उपलब्ध हैं।
स्मिथ सोनियन और यूएसकिश एंड वाइल्ड लाइफ सर्विसेस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से गठबंधन किए जाने से भी फॉरेस्ट्री और वाइल्ड लाइफ में करियर बनाने की संभावनाएँ उज्ज्वल हुई हैं। पेपर और लागिंग उद्योग में भी फॉरेस्ट्री ग्रेजुएट्स की भारी माँगहै। उन्हें उन उत्तर जीवी विकास परियोजनाओं में भी शामिल किया जा रहा है जो वन्य संसाधनों पर दबाव घटाने की दिशा में प्रयासरत हैं।
जहाँ तक फॉरेस्ट्री और वाइल्ड लाइफ से होने वाली आय तथा अन्य लाभों का सवाल है तो इस क्षेत्र में शुरुआती वेतन 22,000 से आरंभ होता है। फॉरेस्ट रिसर्च ऑव इंडिया ने पिछले साल छात्रों को 6.7 लाख रु. प्रतिवर्ष का औसत पैकेज देकर साबित कर दिया कि इस क्षेत्र का महत्व कितना है। इसका सबसे बड़ा फायदा है कि प्रदूषण के इस युग में वाइल्ड लाइफ और फॉरेस्ट्री में करियर बनाने वालों को प्रकृति की गोद में काम करने का अवसर मिलता है। जो किसी भी पारिश्रमिक से ज्यादा है।
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