इन दिनों कॉर्पोरेट जगत में मानव संसाधन प्रणालियों अर्थात ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम्स (एचआरएमएस, ईएचआरएमएस) का बोलबाला है। इसे मानव संसाधन सूचना प्रणाली (एचआरआईएस), एचआर टेक्नोलॉजी या एचआर माडुल्स भी कहा जाता है। यह मानव संसाधन प्रबंधन (एचआरएम) और इंफॉमर्शन टेक्नोलॉजी के बीच पारस्परिक अनुभागीय व्यवस्था है।
इसमें सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के साथ एचआर की अधोसंरचनात्मक गतिविधियों को एक डिसिप्लिन के रूप में मानव संसाधन प्रबंधन को शामिल किया गया है, जबकि डाटा प्रोसेसिंग की प्रोग्रामिंग से उद्यम संसाधन योजना अर्थात इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) की मानकीकृत नियमित क्रियाएँ तथा पैकेज विकसित किए जाते हैं। कुल मिलाकर ये ईआरपी प्रणालियाँ उन सॉफ्टवेयरों से बनी हैं जिनमें एक यूनिवर्सल डाटाबेस के विभिन्न अनुप्रयोगों की अटूट सूचनाएँ जुड़ी होती हैं।
उद्देश्य आमतौर पर मानव संसाधन विभागों का कार्य प्रशासकीय प्रकृति का होकर सभी के लिए एक समान होता है। इसके आधार पर ही संगठनों द्वारा अपने यहाँ चयन, मूल्यांकन तथा पे-रोल प्रोसेस का निर्माण किया जाता है। 'मानव पूँजी' के प्रभावी तथा कुशल प्रबंधन से अनिवार्य तथा जटिल प्रक्रियाओं का समाधान हुआ है। | | ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम्स का बोलबाला है। इसे मानव संसाधन सूचना प्रणाली (एचआरआईएस), एचआर टेक्नोलॉजी या एचआर माडुल्स भी कहा जाता है। यह एचआरएम और इंफॉमर्शन टेक्नोलॉजी के बीच पारस्परिक अनुभागीय व्यवस्था है। |
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काम एचआर के एचआर से संबंधित कार्यों में कर्मचारियों के मौजूदा डाटा जिनमें परंपरागत रूप से व्यक्तिगत जीवनवृत्त, कौशल, क्षमताएँ, उपलब्धियाँ तथा वेतन शामिल हैं उसका ट्रेकिंग किया जाता है। इन प्रशासकीय उपलब्धियों का कार्यभार घटाने के लिए संगठनों ने इनमें से कई प्रक्रियाओंका विशेषीकृत ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम्स के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिकली ऑटोमैट किया है जिसे बोलचाल की भाषा में कम्प्यूटरीकरण भी कहा गया है।
1980 के उत्तरार्ध में क्लाइंट सर्वर के उद्भव पूर्व कई एचआर ऑटोमेशन प्रक्रियाओं को उन मेनफ्रेम कम्प्यूटरों में डाल दिया गया था, जो बड़ी मात्रा में डाटा ट्रांजेक्शन करने लायक थे। मालिकी हक के सॉफ्टवेयरों को खरीदने में लगने वाले भारी पैसों के परिणामस्वरूप आंतरिक रूप से विकसित यह एचआरएमएस केवल उन्हीं संगठनों तक सीमित थी जिनके द्वारा भारी मात्रा में पूँजी संसाधित होती थी।
बाद में क्लाइंट-सर्वर, एप्लीकेशन सर्विस प्रोवाइडर तथा सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस अथवा एसएएएस के आगमन से मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली ने इस तरह की प्रणालियों का उच्च प्रशासकीय नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया।
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