वैश्वीकरण और बहुराष्ट्रीय कंपनियों तथा विदेशी प्रतिस्पर्धियों से बढ़ रही प्रतिस्पर्धा ने आज के युवा बिजनेस मैनेजरों के लिए वैश्विक वातावरण की अपरिहार्यता बढ़ा दी है। इसका एक प्रमुख कारण यह है कि व्यापारिक गतिविधियों का सात समुद्र लाँघ जाने की प्रवृत्ति ने घरेलू कंपनियों तक को इस बात के लिए प्रेरित किया है कि वे ऐसे बिजनेस मैनेजरों की सेवाएँ प्राप्त करें, जिन्हें इंटरनेशनल बिजनेस का अच्छा ज्ञान हो।
मजबूत आधार इंटरनेशनल बिजनेस में पहले साल की पढ़ाई में एमबीए सामान्य प्रबंधन विषयों तथा अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय के बुनियादी क्षेत्रों का दृढ़ आधार प्रदान किया जाता है। दूसरे वर्ष के पाठ्यक्रम में छात्र फाइनेंस, मार्केटिंग, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, एचआर जैसे विशेष क्षेत्र का चयन करसकता है साथ ही इंटरनेशनल मार्केटिंग के गुर भी सीखे जा सकते हैं। इसमें सामान्य एमबीए के साथ विदेश व्यापार के बुनियादी सिद्धांत अतिरिक्त रूप से पढ़ाए जाते हैं।
देश-विदेशों में मिलेंगे अवसर जो युवा इंटरनेशनल बिजनेस में एमबीए का विकल्प चुनते हैं, उनके करियर की राह विदेशों तक विस्तारित हो जाती है। उनके द्वारा वैश्विक व्यापार प्रणालियों का अध्ययन किए जाने के फलस्वरूप निर्यात में संलग्न कंपनियों उदाहरण के लिए ऑटोमोबाइल कंपनियों के इंटरनेशनल मार्केटिंग डिपार्टमेंट, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विदेश स्थित दफ्तरों के साथ-साथ इंजीनियरिंग तथा एफएमसीजी कंपनियों के आयात/निर्यात विभागों, ग्लोबल शिपिंग कंपनियों, ट्रेवल हाउस तथा पर्यटन उद्योग, इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स कंपनियों तथा कंसल्टेंसी फर्मों में बेहतर अवसर मिलते हैं। | | इसका एक प्रमुख कारण यह है कि व्यापारिक गतिविधियों का सात समुद्र लाँघ जाने की प्रवृत्ति ने घरेलू कंपनियों तक को इस बात के लिए प्रेरित किया है कि वे ऐसे बिजनेस मैनेजरों की सेवाएँ प्राप्त करें, जिन्हें इंटरनेशनल बिजनेस का अच्छा ज्ञान हो। |
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अच्छा काम बेहतर दाम इंटरनेशनल बिजनेस मैनेजमेंट के फ्रेश ग्रेजुएट को आमतौर पर मैनेजमेंट ट्रैनी के रूप में नियुक्त किया जाता है तथा प्रतिष्ठित संस्थानों में इंटरनेशनल बिजनेस मैनेजमेंट पोस्ट ग्रेजुएट्स को 6 से 15 लाख प्रतिवर्ष वेतन दिया जाता है। यदि उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट मिलता है तो यह वेतन कई गुना बढ़ जाता है।
कोर्स कहाँ से करें? इंटरनेशनल बिजनेस में एमबीए पाठ्यक्रम संचालित करने वाले कुछ संस्थान निम्नलिखित हैं : * इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड, आईआईएफटी, नई दिल्ली * सिम्बोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल बिजनेस, पुणे
इनके अलावा अन्य कुछ संस्थानों में भी इंटरनेशनल बिजनेस में एमबीए चलाया जा रहा है। इसके बारे में छात्रों को सावधानीपूर्वक संस्थानों का मूल्यांकन करना चाहिए तथा उन संस्थाओं से बचना चाहिए जिनका पिछला ट्रेक रिकार्ड अच्छा न रहा हो तथा जिनके पास आईबी पढ़ानेकी उचित अधोसंरचना उपलब्ध न हो। छात्रों को अच्छी अधोसंरचना, इंटरनेशनल बिजनेस में अनुभवी फैकल्टी वाले संस्थानों का चयन करना चाहिए साथ ही ऐसी संस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए प्लेसमेंट में जिनका उत्कृष्ट ट्रेक रिकार्ड रहा हो।
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