प्रबंधन और तकनीकी संस्थानों में शुल्क बढ़ने की संभावना के साथ विश्वविद्यालयों की सामान्य स्नातक और स्नातकोत्तर पढ़ाई महँगी होने जा रही है। विवि अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी केंद्रीय और राज्यों के विश्वविद्यालयों के शुल्क निर्धारण के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया है।
आयोग के अध्यक्ष प्रो. सुखदेव थोरात का कहना है कि समिति की सिफारिशों पर नई शुल्क व्यवस्था लागू की जाएगी। समिति का गठन केंद्रीय शिक्षा सलाहकार मंडल (कैब) की सिफारिश पर हुआ है जिसमें विवि के सभी डिग्री पाठ्यक्रमों के शुल्क में बीस प्रतिशत की वृद्धि की माँग की है। कैब के अनुसार फिलहाल विवि के शुल्क नाममात्र के हैं।
थोरात का कहना है कि कैब की सिफारिश के अलावा यह देखा गया कि देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों (केंद्र, राज्य, डीम्ड व स्वशासित) में अलग-अलग शुल्क व्यवस्थाएँ हैं। उन्होंने बताया कि डीम्ड विवि की संरचना पर एक समिति पहले ही काम कर रही हैं।
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