फर्क है अलग-अलग प्रबंधन शिक्षा कार्यक्रमों में ऐसा नहीं है कि सारे प्रबंधन शिक्षा कार्यक्रम एक समान हैं। कुछ कार्यक्रमों में ऐसे संसाधन नहीं है, जो यह आश्वस्त कर सके कि उनकी शिक्षा प्रचलित और विश्वसनीय है। योग्य शिक्षकों/ प्रशिक्षकों की कमी और मौजूदा प्रौद्योगिकियों को बनाए रखने के लिए आवश्यक खर्च नेबिजनेस मैनेजमेंट की शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थानों की लागत को बढ़ा दिया है।
यही कारण है कि आईआईएम जैसे संस्थानों को बार-बार फीस बढ़ाना पड़ रही है। कुछ संस्थान ऐसे भी हैं जो अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों को प्रचलित तथा सामयिक बनाने के लिए अपने संसाधनों के उपयोग करने की इच्छाशक्ति नहीं रखते हैं। बाजार में बढ़ती माँग को देखते हुए कुछ संस्थान आवश्यक कार्मिक एवं प्रौद्योगिकी पर किफायत बरतते हुए कम लागत तथा ज्यादा लाभ पर पाठ्यक्रम संचालित कर सकते हैं। छात्रों को जानकारियों तथा सूचनाओं की आवश्यकता होती है क्योंकि वे शिक्षा देने वालों में से ही अपनी पसंद चुनते हैं।
बिजनेस एजुकेशन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता एएसीएसबी इंटरनेशनल अर्थात एसोसिएशन टू एडवांस कालेजिस्ट स्कूल ऑव बिजनेस 1916 से बिजनेस शिक्षा की गुणवत्ता का मूल्यांकन कर मान्यता प्रदान करता रहा है। उसने गुणवत्तायुक्त व्यवसाय प्रबंधन शिक्षा प्रदान करने वाले बिजनेस स्कूलों का निर्धारण करने के लिए सख्त समीक्षा प्रक्रिया प्रदान की है।
सारी दुनिया में 424 बिजनेस स्कूलों को एएसीएसबी इंटरनेशनल संबद्धता प्राप्त हुई है, जो केवल यह आश्वस्त नहीं करती है कि उन्होंने गुणवत्ता हासिल कर ली है बल्कि उनके पास अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों में लगातार सुधार लाने की प्रणालियाँ भी उपलब्ध हैं। अपनी संबद्धता के मूल्यांकन को बनाने में एएसीएसबी उन शैक्षणिक परिणामों, प्रक्रिया को देखता है जिनसे वे परिणाम प्राप्त हुए हैं। साथ ही वह उन प्रक्रियाओं का भी विश्लेषण करता है, जो उपलब्धियों की ओर स्कूल के संसाधनों का प्रबंधन करती हैं।
आने वाला समय होगा व्यवसाय प्रबंधन के नाम अगले दशक के दौरान व्यवसाय में उभरते नेतृत्वों की भारी माँग होगी। यह नेतृत्व ऐसे लोगों से मिलकर बनेगा जिनमें मूल्यों के साथ सही दृष्टिकोण होगा। व्यवसाय से जुड़े लगभग सभी उद्योगों में तथा व्यावसायिक गतिविधियों के लगभग सभी स्तरों पर व्यवसाय प्रबंधन के कुशललोगों की आवश्यकता होगी। मौजूदा व्यवसाय संक्रमण काल का रोमांच ऐसी आर्थिक गतिविधियों तथा ऐसे कार्य क्षेत्र में हिस्सेदारी को विकसित करेगा जिसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा। आज के छात्र व्यवसाय प्रबंधन की इस नई दुनिया के निर्माता और लीडर होंगे।
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