- अशोक जोशी
इस समय जिस 'नई दुनिया' में हम रह रहे हैं, उसकी तमाम परंपरागत अवधारणाओं में वैश्वीकरण, आर्थिक उदारीकरण के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी के प्रचलन ने व्यापक परिवर्तन किए हैं। यहाँ तक कि व्यवसाय के सारे समीकरण भी बदल गए हैं। कल तक हाट बाजारों में बिकने वाली सब्जियाँ आज आकर्षक पैकिंग के साथ एयर कंडिशनिंग मॉल्स में बिक रही हैं, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिजनेस/व्यापार या धंधे के प्रबंधन में कितना बदलाव आया है।
आज का व्यवसाय महज परंपरागत लेन-देन या विनिमय का धंधा नहीं रह गया है, बल्कि मैनेजमेंट के साथ गठजोड़ कर बिजनेस मैनेजमेंट की बदौलत नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। इन ऊँचाइयों को छूने और इसमें करियर बनाने के लिए आज का युवा इतना बेताब है कि स्नातक डिग्री हाथ में आने से पहले ही वह मैनेजमेंट का मार्ग अपना रहा है।
बदल गई है व्यवसाय की दुनिया सारी दुनिया में आजकल जितनी भी व्यापारिक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं, उसमें ढेर सारे परिवर्तन आए हैं। इससे निश्चित ही पता चलता है कि यह दौर सारी दुनिया में वस्तुओं तथा सेवाओं के सृजन और वितरण के क्षेत्र में एक बड़े संक्रमण का दौर है। चूँकि हर नयाबदलाव हमेशा नए अवसर लेकर आता है इस लिहाज से यह समय बिजनेस मैनेजमेंट में करियर बनाने की दृष्टि से सर्वाधिक रोमांचक है।
नई व्यवस्था, नया प्रबंधन आमतौर पर संक्रमण काल को अव्यवस्था का दौर माना जाता है क्योंकि नई व्यवस्था स्थापित करने के लिए नए पैटर्न उभरते हैं। इस नई व्यवस्था के प्रबंधन के लिए अगले दशक में युवा वर्ग के लिए बिजनेस मैनेजमेंट में करियर बनाने के अभूतपूर्व अवसर मिलेंगे। मौजूदा बदलाव कीसर्वाधिक रोमांचक विशेषता है व्यवसाय का वैश्वीकरण। वस्तुओं तथा सेवाओं के विस्तार और विनिमय में विश्व आबादी का एक बड़ा हिस्सा लगातार जुड़ता जा रहा है।
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