भाषा किसी भी व्यक्ति को प्रदत्त संप्रेषण का सर्वाधिक महत्वपूर्ण साधन है। वैश्वीकरण के उभरने से यह फायदा हुआ है कि जिन लोगों के पास एक से अधिक भाषा का ज्ञान है, उन्हें इसके कई लाभ हैं। इन दिनों करियर निर्माण के क्षेत्र में भाषा को न केवल प्राथमिक कौशल के रूप में देखा जाता है, बल्कि द्वितीयक कौशल के रूप में भी देखा जाता है।
प्लेसमेंट और अवसर विदेशी भाषाओं में करियर बनाने वालों के पास कई विकल्प उपलब्ध हैं। वे चाहें तो स्वतंत्र रूप से बतौर फ्रीलांसर काम कर सकते हैं या किसी खास संगठन के साथ जुड़कर काम कर सकते हैं। व्यावसायिक दुभाषिए, व्यावसायिक फर्मों, ट्रेवल एजेंसियों आदि में करियर बना सकते हैं। जिन्हें पढ़ाने में अभिरुचि है, वे शिक्षक के रूप में करियर बना सकते हैं। पूर्णकालिक अथवा अंशकालिक अनुवादक या दुभाषिए का करियर भी एक आकर्षक विकल्प साबित हो सकता है।
विदेशी भाषाएँ सीखने से अन्य लोगों की जीवनशैली और संस्कृति से परिचित होने में भी मदद मिलती है। ऐसे सभी तरह के कार्य, जिनमें विदेशी भाषाओं का ज्ञान अपेक्षित हो, संभावनाओं से परिपूर्ण होते हैं।
ये अवसर अनुबंध अथवा कार्य की प्रवृत्ति और विशेष भाषायी ज्ञान के स्तर पर कम या ज्यादा हो सकते हैं। पर्यटन विभाग, एयरलाइंस और होटल व्यवसाय में करियर बनाने वालों के लिए विदेशी भाषा का ज्ञान किसी पासपोर्ट से कम नहीं है। सरकारी तथा निजी पर्यटन कंपनियों को विदेशी भाषा का ज्ञान रखने वालों की आवश्यकता होती है।
विदेशी भाषा को सीखना भाषा को ऊँचाई पर ले जाने का एक माध्यम तो है ही साथ ही इसे सीखकर कई ऐसी विशेष सेवाएँ की जा सकती हैं, जो जितनी अधिक चुनौतीपूर्ण होती हैं, उतनी ही ज्यादा कमाई देने वाली होती हैं।
व्यक्तिगत विशेषताएँ विदेशी भाषा में करियर बनाने वालों में भाषा सीखने के प्रति रुचि सबसे ज्यादा आवश्यक है। चुस्त दिमाग और बुनियादी व्यवहार विदेशी भाषा सीखने में सहायक होता है। यदि इन सभी खूबियों के साथ व्यक्ति में विदेशों के सामाजिक तानेबाने के प्रति जागरूकता और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का ज्ञान हो तो करियर निर्माण की राह और आसान हो जाती है। जहाँ तक भाषायी अनुवाद का प्रश्न है, यह एक मेहनत का काम है जिसके लिए दीर्घकालीन एकाग्रता बहुत जरूरी है। इस क्षेत्र में करियर बनाने वालों के लिए आवश्यक है कि वह लोगों से खासकर तकनीकी प्रकृति के कार्यों को करने के लिए संबंधित व्यक्तियों से लगातार संपर्क बनाए रखे। | | विदेशी भाषा में करियर बनाने वालों में भाषा सीखने के प्रति रुचि सबसे ज्यादा आवश्यक है। चुस्त दिमाग और बुनियादी व्यवहार विदेशी भाषा सीखने में सहायक होता है। यदि इन सभी खूबियों के साथ व्यक्ति में करियर निर्माण की राह और आसान हो जाती है। |
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जो लोग बतौर अंतरराष्ट्रीय दुभाषिए के रूप में करियर बनाना चाहते हैं, उन्हें प्रायः अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंसों में अपना दायित्व निभाना होता है और इसके लिए शारीरिक दमखम, ठंडा दिमाग व धैर्य होना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही उन्हें उस कार्य की पृष्ठभूमि से अवगत होना आवश्यक है जिसे करने का जिम्मा उन्हें सौंपा गया है। भाषायी ज्ञान शिक्षण के क्षेत्र में भी करियर निर्माण के द्वार खोल देता है। यह कार्य अनुवाद कार्य से भिन्ना होता है। इसके लिए भाषा में प्रवीणता के साथ-साथ धैर्य और अलग-अलग आयु समूहों के लोगों के साथ संप्रेषण की क्षमता बेहद जरूरी है।
पाठ्यक्रम प्रशिक्षण अधिकांश प्रमुख विश्वविद्यालयों द्वारा कई विदेशी भाषाओं में डिप्लोमा, डिग्री अथवा सर्टिफिकेट कोर्स संचालित किए जाते हैं। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्रताएँ तथा कोर्स की अवधि प्रत्येक विश्वविद्यालय में अलग-अलग निर्धारित की गई है। जहाँ तक विदेशी भाषाओं में डिग्री पाठ्यक्रम का प्रश्न है, किसी भी विषय के स्नातक इसमें प्रवेश ले सकते हैं। विदेशी भाषा में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कई विदेशी भाषा प्रशिक्षण संस्थान हैं, जो विभिन्ना स्तरों पर विशिष्ट भाषा में विशेष प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। जिन लोगों ने विदेशी भाषाओं में स्नातक स्तरीय प्रवीणता प्राप्त की है, वे चुनिंदा विश्वविद्यालयों से मास्टर्स कार्यक्रम कर सकते हैं।
प्रशिक्षण प्रक्रिया विदेशी भाषाओं में प्रशिक्षण देने के लिए जो कक्षाएँ संचालित की जाती हैं, वे इन दिनों आधुनिक संचार माध्यमों यथा ऑडियो कैसेट, वीडियो क्लिप, ओव्हरहेड प्रोजेक्टर्स तथा अन्य शिक्षण/प्रशिक्षण उपकरणों का उपयोग कर रुचिकर तथा अंतर्क्रियात्मक तरीकों से कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। महानगरों में विदेशी भाषा कक्षाओं को पेशेवर दृष्टिकोण से अच्छी प्रतिष्ठा प्राप्त है।
स्त्रोत : नईदुनिया अवसर
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