सुखी, सफल जीवन के सूत्र

*जिम्मेदारी एक शक्ति है, न कि बोझ। * जीवन में सिर्फ इच्छाएँ नहीं पालिए, लक्ष्य बनाइए।*सोचिए जो भी मेरे पास है, मेरे लिए खास है।*हमारी तीन महत्वपूर्ण संपत्तियाँ हैं- शरीर, समय एवं मनोवृत्ति।*सफलता के तीन नियम हैं- मेहनत, आत्मविश्वास एवं आत्मविकास।*कोई भी काम सिर्फ काम चलाने के लिए नहीं, परंतु आगे बढ़ने के लिए करें।*यदि आप पूरी जिंदगी के लिए खुशी चाहते हैं तो अपने काम से प्यार करना सीखें।*असफलता वह अवसर है, जब आप अधिक समझदारी से दोबारा शुरुआत कर सकते हैं। *खुश रहना भी एक आदत है। लगन से मेहनत करना भी एक आदत है।*कोल्हू का बैल सारा दिन घूमता रहता है, लेकिन रहता वहीं का वहीं है। *पढ़े-लिखे होने से अच्छा है, पढ़ते-लिखते रहना।*दलदल में रहोगे, तो तैरना नहीं सीखोगे।*ख्वाहिश को पूरा करने की कोशिश करें ताकि भविष्य में खेद नहीं रहे कि कोशिश नहीं की थी। *सीधी बातचीत मित्रता बनाए रखने का श्रेष्ठ तरीका है।*हर दिन की शुरुआत सुखद, संतुष्ट व सुखी नजरिए से कीजिए। आप पाएँगे कि आपका दिन सुखद व सफल गुजरेगा।-
प्रस्तुति : मनीषा मुकेश पगारिया