यदि आपके साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ है या होना शुरू हुआ है तो हम आपसे कहना चाहेंगे कि तुरंत चेत जाएँ। जमाना बदल चुका है। ये नई दुनिया है जिसमें केवल काम करने वालों, भागदौड़ करने वालों के लिए जगह है। मोटापा आज शान का नहीं, लापरवाही का प्रतीक बन चुका है। यह लापरवाही नहीं तो क्या है कि आप अपनी सबसे कीमती चीज यानी शरीर की ओर ही ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसलिए 'पहला सुख निरोगी काया' के अनुसार सेहतमंद बनो।
वजन बढ़ गया है तो उसे घटाओ। घटाने के लिए शेर को ढूँढने की बजाय खुद ही शेर बन जाओ। रोज व्यायाम करो। प्राणायाम करो, टहलो, घूमो। जितना खाओ, उससे ज्यादा गँवाओ। यह सब करोगे तभी आप प्रतियोगिता में बने रहोगे नहीं तो बाहर हो जाओगे। क्योंकि यह माना जाता है कि जो व्यक्ति अपने शरीर को नहीं संभाल सकता वह जिम्मेदारियाँ क्या संभालेगा। इसलिए यदि आप योग्य हैं और आगे बढ़ते रहना चाहते हैं तो हमेशा अपने आपको चुस्त-दुरुस्त बनाकर रखें।
वैसे आज अधिकतर लोग अपनी हेल्थ के प्रति संवेनदशील हैं और तरह-तरह के तरीके अपनाकर अपने आपको चुस्त रख रहे हैं, ताकि कोई उन्हें सुस्त न समझ सके। उन्हें समझ में आ चुका है कि व्यायाम से वे अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन को नए आयाम दे सकते हैं।
यदि आपकी समझ में भी यह आ गया है तो फिर देरी न करें। आज 'बॉडी बिल्डर्स डे' है। आज से ही अपने शरीर, अपनी सेहत की ओर ध्यान देने के दंगल में उतर जाएँ ताकि आपका मंगल होता रहे। अब बस, मेरा भी व्यायाम का समय हो गया है।
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