जब वह अपनी व्यस्तताओं के चलते चाहकर भी परिवार के लिए समय नहीं निकाल पाता, तब भी डरता है। यदि आपकी भी ऐसी ही स्थिति है तो हम आपको बता दें कि एक अच्छी पत्नी हमेशा अपने पति की मजबूरियों को समझती है, भले ही यह बात वह जाहिर न करे। ऐसे में आपका डरना व्यर्थ है।
दूसरी ओर, डरने के बुरे कारण भी हैं। जब पति अपनी पत्नी से चोरी-छिपे कोई ऐसा काम करता है जिसे उचित नहीं कहा जा सकता तो उसके अंदर का चोर उसे पत्नी के सामने भीगी बिल्ली बनने या ऐसा अभिनय करने पर मजबूर कर देता है।
यदि आप भी ऐसा ही कुछ कर रहे हैं तो यह गलत है और यह आपकी गलतफहमी है कि आप ऐसा करके अपनी करतूतों को अपनी पत्नी से छिपा लेंगे, क्योंकि बुराई को लाख छिपाओ, वह छिप नहीं सकती। एक न एक दिन भेद खुल ही जाता है। तब आपको और आपके परिवार दोनों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। इसलिए समय रहते सुधर जाएँ ताकि कभी आपके रिश्तों में खटास न आए।
इसके साथ जो पत्नियाँ यह सोचती हैं कि पति को डरा-धमकाकर कंट्रोल में रखने से ही परिवार की गाड़ी सही चल सकती है तो वे भी गलत हैं। ऐसा करने से पति कंट्रोल में नहीं रहता बल्कि कंट्रोल से बाहर हो जाता है। हो सकता है आपके इस व्यवहार के कारण वह ऐसा व्यवहार करता हो जिससे कि आपको लगता हो कि वह आपके कहने में है लेकिन अक्सर ऐसा होता नहीं। इसलिए यदि आप अपने परिवार की खुशहाली चाहती हैं तो अपने पति के साथ अपना रवैया बदलें और फिर देखें कमाल।
और अंत में, आज करवा चौथ है। आज महिलाएँ अपने पति की सलामती के लिए व्रत रखेंगी। गृहस्थी को चलाने में उनका योगदान भी बराबर होता है। ऐसे में पतियों को चाहिए कि वे भी अपनी पत्नियों के लिए कुछ ऐसा करें कि वे प्रसन्न रहें ताकि उनका पारिवारिक जीवन तनाव रहित और खुशहाल बना रहे या बन जाए। जब ऐसा होगा तो फिर किसी पति को अपनी पत्नी से डरने की जरूरत नहीं रहेगी। अब बस। कुछ घर के काम भी कर लूँ वरना बीबी.....। आप समझ ही गए होंगे।
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