शायद इसका कारण मेरा परिवार और पृष्ठभूमि रही। उन खिलाड़ियों के बारे में सोचता था जिनके पास नौकरी नहीं है, पैसा नहीं है या समर्थन नहीं है। इसलिए मुझे तो बस यही सोचना था कि क्रिकेट में कैसे वापसी करूँ।
प्रिंस और महाराजा बचपन में या अभी भी मेरा कोई ऐसा महाराजाओं वाला स्टाइल नहीं रहा। दरअसल, मुझे ये सभी संबोधन सर जेफ्री बॉयकॉट की देन हैं।
सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज मेरे ख्याल से दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बाएँ हाथ के बल्लेबाजों में सर गैरी सोबर्स एक रहे, हालाँकि उन्हें मैने बल्लेबाजी करते नहीं देखा। लेकिन वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा बेमिसाल हैं। वो जादूगर हैं और क्रिकेट इतिहास में उनका एक नाम है। आप जब उनकी बल्लेबाजी देख रहे होते हैं तो लगता है कि काश मैं भी ऐसा खेल सकता। वेस्टइंडियन जीवन ही एकदम बेफिक्री वाला होता है। खिलाड़ियों में भी यही है जीतो या हारो, पर मस्त क्रिकेट खेलो।
आईपीएल ये तो सच है कि आईपीएल ने क्रिकेट में बड़ा बदलाव कर दिया है। सभी स्टेडियम बिलकुल ठसाठस भरे रहते हैं। आशा करते हैं कि क्रिकेट का ये नया रूप सफल होगा।
बहुत बड़ा स्टार मैं वास्तव में स्टार जैसी चीज के बारे में नहीं सोचता हूँ। 1996 में मुझे लग गया था कि मुझमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने की क्षमता है। अब 12-13 साल बाद 100 टेस्ट और 300 वनडे मैच खेलने के बाद भी रन बनाने के बारे में सोचता हूँ। मेरे साथ क्रिकेट कभी रोजगार या पैसे के लिए नहीं रहा। मन में सिर्फ यही था कि देश के लिए खेलना है।
विज्ञापन की दुनिया हाँ। लगभग 30-40 विज्ञापन किए हैं। लेकिन इन्हें भी लुत्फ उठाने के रूप में लेता हूँ। सच्चाई तो ये है कि पहले इन्हें देखकर मेरी बीवी ही हँसती थी लेकिन अब तो बेटी भी हँसती है। कहती हैं कि कहाँ शाहरुख खान की एक्टिंग देखते हैं और कहाँ आपकी ेक्टिंग है।
डोना कैसे मिली दरअसल डोना बचपन से ही मेरे पड़ोस में रहती थी। हम साथ-साथ बड़े हुए। फिर 19-20 साल की उम्र में आकर कब प्यार हो गया पता ही नहीं चला। ये भी याद नहीं कि किसने पहले प्रपोज किया।
कितना लंबा सफर सच बताऊँ मैं आगे देखने वाला व्यक्ति हूँ। लेकिन ये संतोष जरूर है कि मैंने भी देश के लिए कुछ किया है। मैं मैदान के बाहर बहुत ही शांत किस्म का व्यक्ति हूँ। लेकिन मैदान में मेरा व्यवहार बिलकुल बदल जाता है। मैं यही कोशिश करता हूँ कि कड़ी चुनौती पेश करें और जीतें। पहले अन्य टीमों में धारणा थी कि विदेशी दौरों पर हमारी टीम घूमने-फिरने आती है, लेकिन मैं इस धारणा को बदलना चाहता था। और बदल भी दी।
युवाओं के लिए कोई संदेश और कामयाबी का गुरुमंत्र - मैं इतना कहना चाहूँगा कि खुद पर यकीन करें। और लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं इस पर ध्यान नहीं देना चाहिए बल्कि आप अपने बारे में क्या सोचते हैं, वो ज्यादा अहम है। |