यहाँ आयोजित इंटरनेशनल मैनेजमेंट कॉन्क्लेव में कारगिल के ऑपरेशन विजय के 'नायक' पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल वीपी मलिक ने मैनेजमेंट के अनेक फंड्स को बारीकी से समझाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सही मैनेजमेंट के बगैर सफलता हमेशा संदिग्ध रहती है।
जनरल मलिक ने जब मैंनेजमेंट की बारीकियों को मेगा वीडियो स्क्रीन पर पेश किया तो अभय प्रशाल करतल ध्वनि से गूँज उठा।
जनरल मलिक ने कहा कि सफलता के सबसे पहले जरूरी है आपमें प्रोफेशनल नॉलेज का होना और हमेशा अपडेटेड रहने की प्रवृत्ति। सोशल, पॉलिटिकल, इकोनॉमिक और टेक्नोलॉजी अवेयरनेस होना बहुत जरूरी है। अगर आप में यह चारों हैं तो आप स्मार्ट कहलाएँगे।
जनरल मलिक ने अपने भाषण में अनेक बार भगवद् गीता के कर्मयोग के उद्धरण दिए। कर्म के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि गीता में कहा गया है कि कर्म ज्ञान से श्रेष्ठ है।
मलिक के दिए मंत्र- -कम्युनिकेशन स्कील का विकास। -भविष्य में बदलने वाली चीजों का पूर्वानुमान लगाना। -नवाचार, विकेंद्रीकरण और सशक्तिकरण। -आत्म प्रेरणा, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना। (नईदुनिया)