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राष्ट्रीय ज्ञान आयोग (एनकेसी) के चेयरमैन सैम पित्रोदा ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के क्षेत्र में भारत द्वारा की गई प्रगति बहुत ही उत्साहजनक है। 80 के दशक में हमारे पास जहाँ मात्र 20 मिलियन टेलीफोन थे, लेकिन दूरसंचार क्रांति के फलस्वरूप आज हमारे पास 500 मिलियन टेलीफोन हैं।

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आईएमए द्वारा आयोजित इंटरनेशनल मैनेजमेंट कॉन्क्लेव 2009 में भाग लेने आए पित्रोदा ने नईदुनिया से खास बातचीत में यह बात कही। उन्हें कॉन्क्लेव में "आईएमए ग्लोबल इंडियन लीडरशिप एचीवमेंट अवार्ड" प्रदान किया जाएगा।

पित्रोदा ने सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार क्रांति लाने में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस क्रांति के कारण ही आज देश के लाखों युवाओं को रोजगार मिला हुआ है और गाँवों तक इसका लाभ पहुँच रहा है।

300 सिफारिशें की : राष्ट्रीय ज्ञान आयोग की भूमिका से संबंधित सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आयोग ने 300 से अधिक सिफारिशें सरकार को पेश कर दी हैं, इन पर क्रियान्वयन अभी होना है। हमने शिक्षा से संबंधित सिफारिशें की हैं, जिनका पालन राज्यों को करना है।

उन्होंने कहा कि हम एनकेसी नेटवर्क को राज्यों के स्तर तक ले जाना चाहते हैं, क्योंकि शिक्षा से जुड़े बहुत से विषय राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

सोच बदलना होगी : ज्ञान की प्रचुरता के बावजूद इसके सही उपयोग नहीं हो पाने पर उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें अपना माइंड सेट (सोच) बदलना होगा। इसके लिए वास्तव में हमें अंदर से परिवर्तन लाना है।

इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री की अधिक उपलब्धता अंग्रेजी में होने पर उन्होंने कहा हिन्दी को बढ़ावा दिया जा रहा है। गूगल में हाथों-हाथ हिन्दी अनुवाद उपलब्ध हो जाता है। चीजें बदल रही हैं।

नेशनल ई-गवर्नेंस स्कीम : नेशनल ई-गवर्नेंस स्कीम के लागू होने में विलंब पर उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे इस ओर बढ़ा जा रहा है। चीजें बदलने में समय लगता है। उन्होंने कहा कि कोई कंपनी बनाने के बजाय देश बनाना अलग चीज है। देश बनने में समय लगता है। हमें इसके लिए थोड़ा धैर्य रखना होगा। योजना काफी लंबी है, इसके लागू होने में समय लगेगा।

मदद चाहिए तो हमसे कहें : पित्रोदा ने कहा कि यदि मप्र को राष्ट्रीय ज्ञान आयोग से कोई मदद चाहिए तो उसे हमसे कहना चाहिए। अभी तक राज्य सरकार की ओर से कुछ माँग नहीं की गई है। कर्नाटक ने अपने यहाँ ज्ञान आयोग स्थापित किया है। यदि मप्र सरकर कोई माँग रखेगी तो हम उसे पूरी मदद करेंगे।
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