वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने एक बार फिर कहा है कि दिसंबर तक देश के निर्यात कारोबार में आ रही गिरावट थम जाएगी और जनवरी के बाद यह वृद्धि के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ने लगेगी।
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शर्मा ने कहा कि सितंबर के ताजा आँकडों में निर्यात कारोबार में आ रही गिरावट काफी कुछ कम हुई है। पिछले वर्ष अक्टूबर से निर्यात में गिरावट का रुख बना था और एक समय इसमें 34 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आ गई थी, लेकिन सरकारी प्रोत्साहन पैकेज और विशेषकर श्रमिकोन्मुखी उद्योगों को दिए समर्थन से गिरावट रोकने में सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि दिसंबर तक निर्यात में गिरावट का दौर थम जाएगा। उसके बाद वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही वृद्धि की होगी।
सितंबर 2009 में देश के निर्यात कारोबार में पिछले साल इसी महीने के मुकाबले 13.6 प्रतिशत की गिरावट रही है। इससे पहले वित्त वर्ष की शुरुआत में अप्रैल में इसमें 32 प्रतिशत और मई में 29 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आई थी। अगस्त से निर्यात की गिरावट थमती नजर आने लगी।
अगस्त में इसमें 19 प्रतिशत और सितंबर 2009 में 13.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। उम्मीद की जा रही है कि निर्यात के प्रमुख क्षेत्रों और रत्न एवं आभूषण, हस्तशिल्प, हथकरघा जैसे श्रमिकोन्मुखी क्षेत्रों में आते सुधार की बदौलत दिसंबर तक गिरावट को थाम लिया जाएगा।
हालाँकि आयात के मोर्चे पर अभी भी 31 से 32 प्रतिशत की भारी गिरावट जारी है। गैर तेल आयात में सितंबर में 30.4 प्रतिशत की गिरावट रही। अप्रैल से सितंबर की छमाही अवधि में गैर तेल उत्पादों का आयात 26.2 प्रतिशत घटकर 89 अरब 77 करोड़ 60 लाख डॉलर रहा है।
तेल आयात में भी गिरावट रही है, लेकिन इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम पिछले साल के मुकाबले कम रहने की बड़ी भूमिका है। (वार्ता)