विश्व बैंक ने वित्तवर्ष 2009 के दौरान चीन की वृद्धि दर 8.4 फीसद रहने का अनुमान जाहिर किया है और कहा है कि यह उसके ने भारी भरकम सार्वजनिक व्यय के बलबूते संभव हुई है।
बैंक ने यह अनुमान जाहिर करते हुए यह आगाह किया कि एशिया की इस विशाल अर्थव्यवस्था में सतत सुधार सुनिश्चित करने के लिए मजबूत घरेलू माँग की जरूरत है।
वॉशिंगटन स्थित बहुपक्षीय ऋण संस्था ने अपनी तिमाही समीक्षा में जून के 7. 2 फीसद के अनुमान के मुकाबले बहुत अधिक बढ़ोतरी दर्ज की। विश्व बैंक ने कहा कि चीन की आर्थिक वृद्धि दर 2010 में बढ़ेगी।
बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वैश्विक मंदी के बीच निर्यात में कमी के बावजूद चीन की अर्थव्यवस्था विस्तारवादी राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों के मद्देनजर तेजी से विकास कर रही है।
रिपोर्ट में कहा गया कि बुनियादी ढाँचा निवेश कि इसमें प्रमुख भमिका रही है लेकिन खपत की स्थिति भी अच्छी रही है। हाल में रीयल एस्टेट क्षेत्र की गतिविधि में भी सुधार हुआ है।