नई दिल्ली (वार्ता), मंगलवार, 3 नवंबर 2009( 10:59 IST )
कृष्णा-गोदावरी बेसिन से गैस आपूर्ति विवाद पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई जारी रहने के बीच सार्वजनिक उपक्रम नेशनल थर्मल पॉवर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) को उसके एक संयंत्र के लिए केजी बेसिन से सरकार द्वारा तय मूल्य 4.20 डॉलर प्रति दस लाख बिट्रिश थर्मल यूनिट पर गैस आपूर्ति शुरू हो गई है।
एनटीपीसी को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र स्थित आंटा गैस संयंत्र के लिए केजी बेसिन से गैस आपूर्ति एक नवंबर से शुरू हो गई है। कंपनी को प्रतिदिन छह लाख घनमीटर गैस की आपूर्ति होगी और इससे उसे करीब 150 करोड़ रुपए की बचत होगी। अब तक संयंत्र को चलाने के लिए तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का इस्तेमाल किया जा रहा था।
इससे पहले एनटीपीसी केजी बेसिन से गैस आपूर्ति लेने से लगातार परहेज कर रही थी। कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज से 2.34 डॉलर प्रति एमबीटीयू की दर पर गैस आपूर्ति के लिए दबाव बनाए हुई थी। एनटीपीसी के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज ने उसे इस दाम पर गैस आपूर्ति के लिए बोली लगाई थी।
उच्चतम न्यायालय द्वारा इस संबंध में एनटीपीसी की आपत्तियों को अस्वीकार कर दिए जाने के बाद समझा जा रहा है कि एनटीपीसी रिलायंस इंडस्ट्रीज को केजी बेसिन गैस के लिए 4.20 डॉलर प्रति एमबीटीयू की ऊँची कीमत देने को राजी हो गई।
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज और उनके छोटे भाई अनिल अंबानी की रिलायंस नेचुरल रिसोर्सिज लिमिटेड (आरएनआरएल) उच्चतम न्यायालय में केजी बेसिन से गैस आपूर्ति को लेकर एक-दूसरे के आमने सामने हैं।
मुंबई उच्च न्यायालय ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और आरएनआरएल के बीच 2.34 डॉलर प्रति एमबीटीयू पर हुए गैस आपूर्ति समझौते को सही ठहराते हुए दोनों कंपनियों को उचित करार कर मामला सुलझाने का आदेश दिया था।
मुकेश की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी, जबकि अनिल की आरएनआरएल उच्च न्यायालय के फैसले को अमल में लाने का आदेश देने के लिए उच्चतम न्यायालय पहुँची। बाद में पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी इसमें हस्तक्षेप कर विशेष याचिका दायर कर दी।
उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायधीश केजी बालाकृष्णन की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय पीठ इसकी सुनवाई कर रही है। मामले की अगली सुनवाई चार नवंबर को होगी।