नई दिल्ली (वार्ता) , मंगलवार, 3 नवंबर 2009( 10:43 IST )
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पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जयपुर स्थित इंडियन ऑइल के तेल डिपो में लगी भीषण आग से सबक लेते हुए अब देशभर के तेल प्रतिष्ठानों में सुरक्षा तैयारियों और उपायों की समीक्षा करने का फैसला किया है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा मंगलवार को यहाँ सार्वजनिक एवं निजी तथा देश में काम कर रहे विदेशी तेल कंपनियों के विशेषज्ञों के साथ इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करेंगे।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान के जयपुर स्थित सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र में इंडियन ऑइल के तेल डिपो में लगी आग पर अब तक काबू नहीं पाया जा सका। इसमें अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है तथा कई लोग घायल हुए हैं।
देवड़ा ने एक पखवाड़े पहले ही देश के तेल उद्योग में सुरक्षा के बेहतर प्रबंधों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को पुरस्कार दिए थे। उन्होंने तेल प्रतिष्ठानों में सुरक्षा उपायों को सर्वोपरि बताते हुए तेल उद्योग सुरक्षा महानिदेशालय (ओआईएसडी) को एक स्वायतशासी निकाय बनाने की घोषणा की थी।
इस समारोह में तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए ओएनजीसी को सबसे ज्यादा पुरस्कार मिले। इंडियन ऑइल को उसकी मथुरा और हल्दिया रिफाइनरी में विभिन्न क्षेत्रों में उच्च सुरक्षा उपायों के लिए पुरस्कार दिए गए।
पेट्रोलियम मंत्रालय में राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को अति महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने मीडिया को भी इसके लिए कोसा कि वह इस क्षेत्र की दूसरी गतिविधियों को तो बढ़ाचढ़ाकर पेश करता है, लेकिन सुरक्षा उपायों को नजरंदाज कर देता है।
उन्होंने तेल विपणन कंपनियों को तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के बारे में जागरुकता अभियान चलाने की भी सलाह दी थी। उन्होंने साइकिल से रसोई गैस सिलेंडर ले जाने को भी सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक बताया।