शेयर बाजार | मंडी | बजट 2008-09 | समाचार | कृषि | बजट - 2009
मुख पृष्ठ » खबर-संसार » व्यापार » समाचार » सरकार ने ली तेल प्रतिष्ठानों की सुध (Oil Refinaries IOC Murli Deora)
Feedback Print Bookmark and Share
 
FILE
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जयपुर स्थित इंडियन ऑइल के तेल डिपो में लगी भीषण आग से सबक लेते हुए अब देशभर के तेल प्रतिष्ठानों में सुरक्षा तैयारियों और उपायों की समीक्षा करने का फैसला किया है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा मंगलवार को यहाँ सार्वजनिक एवं निजी तथा देश में काम कर रहे विदेशी तेल कंपनियों के विशेषज्ञों के साथ इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करेंगे।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान के जयपुर स्थित सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र में इंडियन ऑइल के तेल डिपो में लगी आग पर अब तक काबू नहीं पाया जा सका। इसमें अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है तथा कई लोग घायल हुए हैं।

देवड़ा ने एक पखवाड़े पहले ही देश के तेल उद्योग में सुरक्षा के बेहतर प्रबंधों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को पुरस्कार दिए थे। उन्होंने तेल प्रतिष्ठानों में सुरक्षा उपायों को सर्वोपरि बताते हुए तेल उद्योग सुरक्षा महानिदेशालय (ओआईएसडी) को एक स्वायतशासी निकाय बनाने की घोषणा की थी।

इस समारोह में तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए ओएनजीसी को सबसे ज्यादा पुरस्कार मिले। इंडियन ऑइल को उसकी मथुरा और हल्दिया रिफाइनरी में विभिन्न क्षेत्रों में उच्च सुरक्षा उपायों के लिए पुरस्कार दिए गए।

पेट्रोलियम मंत्रालय में राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को अति महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने मीडिया को भी इसके लिए कोसा कि वह इस क्षेत्र की दूसरी गतिविधियों को तो बढ़ाचढ़ाकर पेश करता है, लेकिन सुरक्षा उपायों को नजरंदाज कर देता है।

उन्होंने तेल विपणन कंपनियों को तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के बारे में जागरुकता अभियान चलाने की भी सलाह दी थी। उन्होंने साइकिल से रसोई गैस सिलेंडर ले जाने को भी सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक बताया।
संबंधित जानकारी खोजें