मुम्बई (वार्ता), शनिवार, 19 सितंबर 2009( 12:16 IST )
बीमा नियामक विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) के अध्यक्ष जे हरिनारायण ने कहा है कि बैंकों और बीमा कंपनियों की संयुक्त बीमा योजनाओं को प्रभावी और सक्षम बनाने के लिए आईआरडीए नियमों में कुछ परिवर्तन करेगा।
नारायण ने यहाँ भारतीय उद्योग परिसंघ के 12वें बीमा सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि बैंक अपने ग्राहकों के लिए बीमा योजनाएँ उपलब्ध कराते हैं लेकिन विशेषज्ञता के अभाव में अनेक दिक्कतें आती हैं। आईआरडीए इस मसले को लेकर गंभीर है और शीघ्र ही वह कुछ अतिरिक्त दिशानिर्देश लाएगा।
उन्होंने कहा कि शीघ्र ही संसद में प्रस्तावित बीमा संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। इसके कुछ प्रावधानों से आईआरडीए का कामकाज और जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में भारतीय बीमा कंपनियों में विदेशी निवेश की सीमा 26 से बढ़ाकर 49 प्रतिशत किए जाने का भी प्रावधान होगा।
नारायण ने कहा कि आईआरडीए शीघ्र ही बीमा कंपनियों के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने के संबंध में दिशानिर्देश जारी करेगा। इस संबंध में आईआरडीए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड से बातचीत कर रहा है।
उन्होंने बीमा कंपनियों की अपने नियमों, सामान्य जानकारियों और खातों की जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आईआरडीए अगले कुछ महीनों में इस संबंध में कुछ दिशानिर्देश जारी करेगा। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों को ग्राहक हितैषी योजनाओं को प्रस्तुत करना चाहिए।