वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को कहा कि उन्होंने इस बार के बजट में अधिक घाटे का जोखिम लिया है ताकि अर्थव्यवस्था को पुन: ऊँची वृद्धि दर की राह की ओर मोड़ा जा सके।
आम बजट पेश करने के तुरंत बाद मुखर्जी ने लोकसभा टेलीविजन चैनल से कहा कि बजट में अधिक बड़े राजकोषीय घाटे के लिए स्थान बनाकर मैंने बड़ा जाखिम लिया है। मैं घाटे को कम रखने का अधिक परंपरागत रास्ता अपना सकता था पर ऐसे में वृद्धि दर छह प्रतिशत या उससे कम रहती।
मुखर्जी ने कहा कि उन्होंने यह जोखिम इसलिए उठाई क्योंकि उन्हें लगता है कि उच्च वृद्धि दर की ओर लौटने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज भारत समान्य रूप से ऊँची वृद्धि दर की राह पर है। यह जरूर है कि इस वर्ष वृद्धि दर में कुछ गिरावट होगी, पर अगले साल मुझे कुछ सुधार की उम्मीद है। लेकिन उससे एक साल बाद हम नौ प्रतिशत वृद्धि दर की ओर लौटेंगे क्योंकि हमारी बुनियाद मजबूत है। |